नए नियम से कितने लोग डिपोर्ट होंगे?

देश के गृह मामलों के विभाग ने बताया है कि ऑस्ट्रेलिया के चारित्रिक परीक्षा में प्रस्तावित बदलावों का मतलब होगा कि अब ज्यादा प्रवासियों को निर्वासित यानी डिपोर्ट किया जाएगा. हालांकि सरकार ये अनुमान लगाने में असमर्थ हैं कि कितने लोग निर्वासित किए जा सकते हैं.

The government is deploying officers to key locations overseas in a bid to recruit 5,000 people at the top of their fields. Source: SBS

Source: SBS

ऑस्ट्रेलिया का गृह मंत्रालय ये नहीं बता सकता कि विदेशी अपराधियों को निर्वासित किए जाने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए प्रस्तावित चरित्र परीक्षा में बदलाव के बाद कितने प्रवासी इस परीक्षा में सफल नहीं हो पाएंगे.

गृह विभाग के अधिकारियों को इस बारे में सीनेट की जांच का सामना करना पड़ा उनसे सवाल पूछे गए कि अपराधियों को रोकने और उनके वीज़ा रद्द करने के बारे में सरकार की क्या योजना है.

प्रस्तावित कानून के तहत, यदि किसी गैर-नागरिक को ऐसे मामले में दोषी करार दिए जाता है जिसमें अधिकतम 2 साल की सज़ा का प्रावधान हो तो वो स्वतः ही चरित्र परीक्षा में विफल हो जाएगा. चाहे उसे इसके बाद किसी भी अवधि के लिए जेल की सज़ा सुनाई जाए.

सहायक सचिव माइकल विलार्ड ने कहा कि ये कानून सभी वीज़ा धारकों के लिए व्यवहार का एक स्पष्ट मानक तय करेगा.

Department official Michael Willard says the changes will set a clear standard for visa holders.
Source: Parliament

लेबर सीनेटर किम केर ने बार-बार ये पूछा कि नए शासन के तहत कितने विदेशी अपराधियों को निर्वासन का सामना करना पड़ेगा जबकि मौजूदा निर्वासन नियमों के तहत किसी वीज़ा धारक को 12 महीने या ज्यादा अवधि की सज़ा होने पर निर्वासित किया जा सकता है.

श्री विलार्ड ने कैनबरा में समिति को बताया कि वो अपराधियों के निर्वासन में बढ़ोत्तरी की उम्मीद कर रहे हैं लेकिन वो कोई अनुमानित आंकड़ा पेश नहीं कर सकते.

श्री विलार्ड ने समिति को बताया कि

ये निर्धारित करने के लिए कि प्रभावित लोगों की संख्या कितनी हो सकती है, विभाग ने कई स्रोतों पर काम किया, हालांकि कोई निश्चित आंकड़ा देना संभव नहीं है.

सीनेटर केर कहते हैं कि वो आश्चर्यचकित हैं

सेनेटर कैर ने हैरत जताई कि सरकार के पास अब तक कुछ ठोस जानकारी नहीं है जबकि नए कानून को एक निष्पक्ष समाधान के तौर पर पेश किया जा रहा है.

Labor Senator Kim Carr grilled Home Affairs Department officials.
Source: Parliament

प्रवासन के विशेषज्ञों का मानना है कि प्रस्तावित कानून के तहत आने वाले अपराधों की कसौटी पर कसे जाने के बाद चरित्र परीक्षा में असफल रहने वाले प्रवासियों की संख्या में 5 गुना बढ़ोत्तरी हो जाएगी. इन अपराधों में सामान्य हमला भी शामिल है जिसमें कि बहुत ही कम मामलों में जेल होती है.

श्री विलार्ड इस बिल के विरोधियों के उन दावों को ख़ारिज किया है जिसमें कहा जा रहा है कि ये बदलाव ज़रूरी नहीं थे क्योंकि सरकार के पास पहले ही अतिरिक्त शक्तियां है जिसका इस्तेमाल करके वो समुदाय के खतरा बनने वाले किसी भी शख्स को बाहर का रास्ता दिखा सकती है.

उन्होंने कहा कि पहले भी इन प्रावधानों का प्रयोग करके कुछ फैसलों पर विदेशी अपराधियों द्वारा सफलतापूर्वक अपील की गई है.

एक शख्स के मामले का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ये शख्स ब्रिज़िंग वीज़ा पर था और उसने परमानेंट रेज़ीडेंसी के लिए आवेदन दिया था. उसे उसके साथी को परेशान करने और उसे गंभीर चोट पहुंचाने की धमकी देने का दोषी ठहराया गया था.

सरकार ने उसका वीज़ा रद्द कर दिया था लेकिन अपील करने पर उसका वीज़ा बहाल कर दिया गया और उसे ऑस्ट्रेलिया में रहने की अनुमति मिल गयी थी.

एक दूसरा उदाहरण क्वींसलैंड के एक शख्स का है जिसे एक यौन अपराध के मामले में दो साल तक अपना अच्छा व्यवहार दर्शाने का फरमान सुनाया गया था लेकिन वो निर्वासन के लिए ज़रूरी मानदंडों को पूरा नहीं करता था.

लेकिन नए शासन के तहत वो अपने आप ही चरित्र परीक्षा में असफल हो जाएगा क्योंकि जिस अपराध में वो शामिल था उसमें अधिकतम 14 साल की सज़ा का प्रावधान है.

विभाग के अधिकारियों ने वकीलों और शरणार्थी समूहों के उन सुझावों का भी खंडन किया है जिसमें कहा गया था कि घरेलू हिंसा के पीड़ितों को नए नियम के तहत संरक्षण आदेश के तोड़ने का समर्थन करने के आरोप में दंडित किया जा सकता है. अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के मामलों में मुकदमा चलाने की संभावना नहीं है.

इससे पहले न्यूज़ीलैंड के उच्चायुक्त डेम एनीटी किंग ने समिति से कहा कि प्रस्तावित बदलाव एक बुरे कानून को और बदतर बना देंगे.

उन्होंने कहा कि निर्वासन कानूनों में 5 साल पहले किए गए बदलावों ने न्यूज़ीलैंड के लोगों को अनेक तरह से प्रभावित किया था.

न्यूज़ीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डर्न के साथ आवाज़ मिलाते हुए उन्होंने कहा कि

साल 2014 के बदलाव हमारे न्यूज़ीलैंड और आस्ट्रेलिया के संबंधों को खराब करने वाले रहे हैं
Prime Minister Scott Morrison was unmoved by NZ Prime Minister Jacinda Ardern's complaints about Australia's deportation policy. AAP
Source: AAP

उन्होंने कहा कि दोहरी नागरिकता ही कम दर का मतलब ये है कि आस्ट्रेलिया में रहने वाले न्यूज़ीलैंड के नागरिक जिनमें बच्चे भी शामिल हैं निर्वासन की योजनाओं के प्रति ज्यादा संवेदनशील थे.

डेम एनीटी कहती हैं कि

ये एक ऐसा क्षेत्र है जहां हम देख पा रहे हैं कि ये लोगों के आपसी संबंधों को भी खत्म कर रहा है.

ज़ाहिर है जैसा कि पार्लियामेंट की माइग्रेशन समिति ने सुझाव दिया है, न्यूज़ीलैंड चाहेगा कि मंत्रीस्तरीय निर्देशों के तहत उसके लिए खास विचार किया जाए.

इससे पहले कि सीनेट इस कानून पर विचार करे. उम्मीद है कि ये समिति 13 सिंतबर तक अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप देगी.   


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Published

Updated

By Rosemary Bolger


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