नहीं रहे हर दिल को गुदगुदाने वाले कादर ख़ान

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता कादर ख़ान का निधन हो गया है वो 81 साल के थे. कनाडा में एक अस्पताल में उनका निधन हुआ है वो लंबे समय से बीमार थे और कनाडा में अपने बेटे के साथ रह रहे थे.

Indian Actor Kader Khan

Indian Actor Kader Khan Source: Bollywood Hungama/ CC BY 3.0/ Wikimedia commons

भारतीय समाचार एंजेंसी पीटीआई ने कनाडा में कादर ख़ान के निधन की खबर की पुष्टि की है. कादर खान 16-17 हफ़्ते से अस्पताल में थे और इससे पहले भी उनके इंतकाल की ख़बर आई थी हालांकि तब उनके बेटे सरफ़राज़ ख़ान ने इन खबरों का खंडन किया था. लेकिन अब सरफ़राज़ ने भी पीटीआई को इस ख़बर की पुष्टि की है. 

कनाडा के समय के मुताबिक 31 दिसंबर की शाम 6 बजे उनका निधन हुआ है. सरफराज़ ने बताया कि वो लंबे समय से बीमार चल रहे थे और दोपहर को वो कोमा में चले गए थे. उन्होंने कहा कि कादर ख़ान का अंतिम संस्कार कनाडा में ही किया जाएगा. उन्होंने कहा कि उनका पूरा परिवार कनाडा में ही है. सरफ़राज़ ने सभी को उनकी दुआओं के लिए शुक्रिया कहा.

Indian Actor Kader Khan
Indian Actor Kader Khan Source: Wikimedia Commons/Bollywood Hungama/ CC-BY-3.0

कादर ख़ान का फ़िल्मी सफ़र

कादर खान का जन्म 22 अक्टूबर, 1937 में अफगानिस्तान के काबुल में हुआ था. वे इंडो-कैनेडियन मूल के थे.  कादर खान ने 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है और 1970 और 1980 के दशक के जाने माने स्क्रीनराइटर भी रहे हैं. उन्होंने करीब 250 भारतीय फ़िल्मों के लिए डायलॉग लिखे हैं. बताया जाता है कि साल 1974 में राजेश खन्ना की फ़िल्म रोटी के लिए शानदार डायलॉग लिखने के लिए उन्हें काफी बड़ा मेहनताना भी दिया गया था. उनका अभिनय का सफ़र भी राजेश खन्ना के साथ फ़िल्म दाग़ से शुरू हुआ. हालांकि उनकी जोड़ी अभिनेता गोविंदा के साथ सबसे ज़्यादा चर्चा में रही.

हर क्षेत्र में किया खुद को साबित

 उन्होंने साल 2001 में फ़िल्मों से अलग हंसना मत के नाम से टीवी सीरीज़ भी बनाई. उन्हें तान फ़िल्मफेयर अवॉर्ड से नवाज़ा गया. जिनमें साल 1982 में फ़िल्म मेरी आवाज़ सुनो में बेहतरीन डायलॉग के लिए, साल 1991 में फ़िल्म बाप नंबरी बेटा दस नंबरी के लिए बेहतरीन हास्य अभिनेता का पुरस्कार और साल 1993 में एक बार फ़िर फ़िल्म अंगार के लिए बेस्ट डायलॉग का पुरस्कार. साल 2013 में हिंदी सिनेमा में उनके योगदान के लिए उन्हें साहित्य शिरोमणि सम्मान से भी नवाज़ा गया था. 

 


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2 min read

Published

By गौरव वैष्णव


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