17 साल बाद एयरपोर्ट पर मिले NRI भाई-बहन

शमीरा की आंखें भरी हुई थीं. इतने आंसुओं के बीच वह इतनी खुश पहले कभी नहीं थीं. शारजाह एयरपोर्ट पर खड़ी केरल की शमीरा को जिंदगी किसी बॉलीवुड फिल्म सरीखी लग रही थी.

Hani and Shameera in a photo published by Khaleej Times.

Hani and Shameera in a photo published by Khaleej Times. Source: Photos: Dhes Hanumon/Khaleej Times

शमीरा 17 साल बाद अपने भाई से मिल रही थी. जब बिछड़े थे तब हानी चार साल का ही था. और अब वह 21 साल का गबरू जवान हो चुका था. जो खुद हैरान सा था कि जो हो रहा है, क्या वह सच है.

शारजाह के एयरपोर्ट पर इस भाई-बहन की जोड़ी का मिलन सोशल मीडिया के चलते हो पाया. भारत में केरल के कोजिकोड़े की रहने वालीं शमीरा करामा में एक दुकान पर काम करती हैं. हानी नादर मेरगानी अब सूडान के नागरिक हैं क्योंकि उनके पिता सूडानी हैं.

इस कहानी को खलीज टाइम्स ने छापा है जिसमें शमीरा बताती हैं, "मेरे पिता पढ़ने के लिए केरल आए थे और वहीं उन्होंने मेरी मां नूरजहां से शादी की थी. हानी के जन्म के चार साल बाद दोनों अलग हो गए. मेरे पिता हानी को लेकर सूडान लौट गए और हम तीन बहनें अपनी मां के पास रह गईं. तब से मैंने अपे भाई को बस यादों में ही पाया था."

लेकिन हानी के लिए यह वक्त बेहद दर्दनाक रहा. उन्होंने खलीज टाइम्स को बताया कि उनके पिता ने सूडान लौटते ही दूसरी शादी कर ली और दूसरी मां से बस दुत्कार मिली. हानी कहते हैं, "मैं हमेशा अपनी मां और बहनों से मिलना चाहता था."

आखिर सोशल मीडिया ने यह मिलन करवा दिया. हानी ने अपनी मां की एक पुरानी फोटो और अपना बर्थ सर्टिफिकेट एक जानकार की मदद से फेसबुक पर पोस्ट करवाया. और यह फोटो जाने कहां से होते होते आबु धाबी में बसे रहीम तक पहुंची जो उसके परिवार के रिश्तेदार हैं. रहीम ने हानी से संपर्क किया.

शीमारा को पता चला तो उनके पांवों तले जमीन निकल गई. मां-बेटियों ने अपने गहने बेचकर भाई के लिए हवाई टिकट का इंतजाम किया. वह कहती हैं, "हम अमीर लोग नहीं हैं. टिकट खरीदना मुश्किल था लेकिन हमें पता है कि हानी से मिलने से ज्यादा कीमती कुछ नहीं."

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By Vivek Asri



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