मेलबर्न में काम कर रहे 24 वर्षीय ग्राफिक डिजाइनर को इस साल मई में नौकरी से निकाल दिया गया था. उस पर कंपनी के फोन और इंटरनेट से नौकरी खोजने का आरोप लगाया गया था. एचआरडी ऑस्ट्रेलिया ने खबर दी है कि फेयरवर्क्स कमीशन ने इस कर्मचारी की बर्खास्तगी को गलत ठहराया है.
मामला 16 मई का है जब, एचआरडी ऑस्ट्रेलिया की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के मालिक ने इस कर्मचारी को कहा कि वह अपना म्यूजिक प्लेयर बाथरूम में ना ले जाए. कर्मचारी का आरोप है कि उसके बाद कंपनी के मालिक ने उसे अपने निजी और कंपनी संबंधित ईमेल्स दिखाने को कहा.
कर्मचारी ने अपने सारे ईमेल्स दिखाए जिनमें डिलीट किए गए कुछ ऐसे ईमेल्स भी थे जो कर्मचारी की नौकरी से संबंधित जानकारियां रखते थे. इसके बाद उसने अपने मालिक से कहा, ”मेरी प्राइवेसी का उल्लंघन करके खुश हो.”
कर्मचारी के मुताबिक, इस पर मालिक ने जवाब दिया कि अगर वह खुश नहीं है तो अपना सामान बांधे और चल जाए. कर्मचारी ने इसे एक विकल्प माना और वह दफ्तर से चला गया. उसी दिन उसे मालिक का एक मेसेज मिला जिसमें बताया गया कि उसे नौकरी से निकाल दिया गया है. 30 मई को उसे एक ईमेल मिला जिसमें उसकी बर्खास्तगी के कारण विस्तार से बताए गए थे.
- कंपनी के फोन और कंप्यूटर का निजी कामों के लिए इस्तेमाल.
- काम में सुधार नहीं और बार-बार गलतियां
- इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स का उल्लंघन
7 जून को इस कर्मचारी ने फेयरवर्क्स कमीशन में शिकायत की. फेयवर्क कमीशनर निकलस विल्सन ने उसके हक में फैसला देते हुए कहा, “मैं इस बात से संतुष्ट नहीं हुआ हूं कि उसकी परफॉरमेंस या तकनीक का (निजी) इस्तेमाल उसकी बर्खास्तगी की जायज वजह है.”
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