भारत ने दावा किया है कि मंगलवार सुबह उसके लड़ाकु विमानों ने पाकिस्तान के इलाके में बमबारी कर जैश ए मोहम्मद के एक बड़े ट्रेनिंग कैंप को ध्वस्त किया है. इसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है.
मंगलवार रात सेनटेर पाएन ने कहा, "(पाकिस्तान) और ज्यादा वक्त तक आतंकी संगठनों को अपने यहां से कार्रवाई करने के लिए कानूनी और जमीनी सुविधाएं नहीं दे सकता. ऑस्ट्रेलिया दोनों देशों से संयम बरतने का आग्रह करता है ताकि ऐसी कोई गतिविधि ना हो जो इलाके में शांति और सुरक्षा को खतरे में डाल दे. दोनों देशों को बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण तरीके से विवाद सुलझाने चाहिए."
चीन और यूरोपीय संघ ने भी दोनों पड़ोसियों से संयम बरतने का आग्रह किया है.
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि भारत और पाकिस्तान संयम बरतेंगे और ऐसी कार्रवाई करेंगे जो हालात को स्थिरता दे."
पाकिस्तान ने मंगलवार की घटना को ज्यादा अहमियत नहीं दी है. उसकी तरफ से कहा गया है भारतीय विमानों के हमले में जान और माल का कोई नुकसान नहीं हुआ है.
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफ्फूर ने एक ट्वीट कर कहा था कि भारतीय विमानों ने सीमा पार की है. उन्होंने ट्वीट किया, 'भारतीय विमानों ने नियंत्रण रेखा का उल्लंघन किया. पाकिस्तानी वायु सेना फौरन रवाना हो गई. भारतीय विमान लौट गए हैं.'
एक अन्य ट्वीट "भारतीय विमानों ने मुजफ्फराबाद सेक्टर में घुसपैठ की है. पाकिस्तानी सेना ने फौरी और माकूल जवाब दिया जिस कारण वे विमान जल्दबाजी में बालाकोट के निकट बम गिराकर भाग गए. जान या माल का कोई नुकसान नहीं हुआ है."
उन्होंने भारतीय मीडिया के दावों को गलत बताते हुए कहा कि भारत भारत के विमानों के सीमा तक आने की जानकारी रडार से मिल रही थी.
उन्होंने कहा, "भारतीय वायुसेना के विमान 21 मिनट तक पाकिस्तान की सीमा पर रहे. लेकिन हम कह रहे हैं कि वे आएं और पाकिस्तान की सीमा में 21 मिनट तक रहकर दिखाएं."
गफ्फूर ने बताया, "हमने तीन जगह उनकी विमानों को जवाब दिया. दो जगह तो वे हमारी सीमा में घुस भी नहीं पाए लेकिन तीसरे जगह में वे हमारी सीमा में आए और करीब चार मिनट के अंदर ही उन्हें वापस जाना पड़ा."
गफ्फूर के मुताबिक जब भारतीय विमानों को वापस जाना पड़ा तो उन्होंने पेलोड गिराए.
उन्होंने कहा, "इसमें चार बम गिराए गए. लेकिन इससे कोई नुकसान नहीं हुआ. कोई भी जाकर देख सकता है. हम लोगों को वहां ले जा रहे हैं."
इससे पहले भारत के विदेश सचिव विजय गोखले ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "भारत ने बालाकोट में जैश ए मोहम्मद के सबसे बड़े शिविर को निशाना बनाया और बड़ी संख्या में आतंकवादियों, उनके प्रशिक्षकों, वरिष्ठ कमांडरों और उन जिहादियों को मार गिराया जो आतंकी हमलों की योजना बना रहे थे."
