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पिछले हफ्ते के बाद सिटिजनशिप की अर्जियों की बाढ़

फेडरल सरकार द्वारा ऑस्ट्रेलियाई नागरिकता के लिए नियमों में बदलाव का प्रस्ताव सेनेट में खारिज होने के बाद नागरिकता पाने के लिए अर्जियों की बाढ़ आ गई है. इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने यह जानकारी दी है.

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The Department of Immigration has received a rush of applications for Australian citizenship this week. Source: AAP

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नए प्रस्ताव का मसौदा संसद में जून में पेश किया गया था. इसमें स्थायी निवासियों को नागरिकता के लिए अप्लाई करने से पहले चार साल तक इंतजार कराने की शर्त थी. साथ ही ज्यादा सख्त अंग्रेजी टेस्ट भी लागू किया जाना था.

लेकिन पिछले हफ्ते इस बिल की आखिरी तारीख गुजर गई और अब इसे सेनेट की सूची से हटा दिया गया है.

इसके बाद से ही अर्जियों की बाढ़ आई हुई है. डिपार्टमेंट केी क्रिस्टीन डेकी ने सोमवार रात सेनेट की एस्टिमेट्स कमिटी को बताया कि बहुत बड़ी संख्या में अर्जियां दाखिल की गई हैं. उन्होंने कहा, "एक तरह का समतल बन गया था. और यह बीते साल के मुकाबले कम था. लेकिन पिछले हफ्ते के ऐलान के बाद अचानक उछाल आया है."

विभाग ने इस बात की पुष्टि की है कि फिलहाल एक लाख 18 हजार अर्जियां ऐसी हैं जिन पर फैसला लिया जाना है.

अगर प्रस्तावित कानून पास हो जाता तो लोगों को नागरिकता पाने के लिए ज्यादा इंतजार करना होता और अंग्रेजी व ऑस्ट्रेलियन मूल्यों के लिए ज्यादा सख्त परीक्षा से गुजरना होता.

पिछले हफ्ते इमिग्रेशन मंत्री पीटर डटन ने कहा था कि सरकार दोबारा बिल तैयार करके उसे पास कराने की कोशिश करेगी. उन्होंने कहा कि सरकार अंग्रेजी की परीभा में बैंड 6 की जगह बैंड 5 को स्वीकार करने को तैयार है.

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