मंगलवार को सिडनी के हैरिसपार्क में पुलवामा की घटना में मारे गए सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक सभा आयोजन किया गया. सभा का आयोजन हिंदू काउंसिल ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने की थी. इस सभा में सैकड़ों लोगों ने शिरकत की साथ ही उग्रवाद के ख़ात्मे के लिए नारे भी लगाए गए.
हिंदू काउंसिल ऑफ ऑस्ट्रेलिया के स्वयंसेवक राधाकृष्ण ने कहा कि पुलवामा हमला एक कायराना हमला था उन्होंने कहा कि वो इस हमले में अपना सर्वस्व देने वाले सैनिकों के परिवारों के साथ खड़े हैं.
वहीं सिडनी में यूनाइटेड गुजरातीज़ ऑफ ऑस्ट्रेलिया के अध्यक्ष अमित व्यास कहते हैं कि इस घटना के बाद से हर भारतीय का गुस्से में हैं उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ज़रूर इस घटना पर कड़े कदम उठाएंगे.

उधर बिमल जोशी कहते हैं कि सैनिकों पर कायराना हमला किया गया है जिसका जवाब दिया जाना चाहिए उन्होंने कहा कि भारत आज अपनी सुरक्षा में सक्षम है.
वहीं भारतीय सीनियर सिटीजन ग्रुप के नरेंद्र मिस्त्री कहते हैं कि उन्हें जब इस हमले के बारे में पता चला तो वो बहुत व्यथित थे. हालांकि वो इस वक्त में भारत सरकार से उम्मीद ही कर सकते हैं कि लेकिन फिर भी वो इस सभा के ज़रिए उग्रवाद के ख़िलाफ़ अपना विरोध प्रकट कर रहे हैं.
विश्व हिंदू परिषद की नेशनल जनरल सेक्रेटरी अखिला रामारत्नम इस मौके पर भावुक नज़र आयीं. उन्होंने कहा कि मारे गए सैनिक उनके बेटे की उम्र के थे और इस मौके पर वो बहुत दुखी हैं उन्होंने उम्मीद जताई कि भारतीय सरकार इस घटना के बाद उग्रवाद के ख़िलाफ़ कड़ा कदम उठाएगी.
इस मौके पर पहुंचें पैरामाटा के एमपी और लिबरल नेता ज्योफ ली ने कहा कि ऐसी घटना कही भी हो इसकी निंदा की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में ऑस्ट्रेलियाई समुदाय भारत के साथ खड़ा है.
उधर लेबर नेता और ग्रेनविल से एमपी जूलिया फिन ने कहा कि इस घटना से वो बेहद आहत हैं और अपनी संवेदना प्रकट करती हैं.
उधर बुधवार को इन संगठनों ने सिडनी के टाउन हाल में भी मार्च निकाला. इस मार्च में भी काफी संख्या में प्रवासी भारतीयों ने शिरकत की.
