पुलवामा में सैनिकों की मौत पर ग़म भी और गुस्सा भी

पुलवामा में हुए हमले में 44 जवान मारे गए. इस घटना की भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर के भारतीय मूल के लोग निंदा कर रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में भी हिंदू काउंसिल ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया, जिसमें ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के लोगों से जुड़ी 34 संस्थाओं ने हिस्सा लिया.

Pulwama Attack: A protest by Hindu Council of Australia

Source: Gaurav Vaishnava/ SBS

मंगलवार को सिडनी के हैरिसपार्क में पुलवामा की घटना में मारे गए सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक सभा आयोजन किया गया. सभा का आयोजन हिंदू काउंसिल ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने की थी. इस सभा में सैकड़ों लोगों ने शिरकत की साथ ही उग्रवाद के ख़ात्मे के लिए नारे भी लगाए गए. 

हिंदू काउंसिल ऑफ ऑस्ट्रेलिया के स्वयंसेवक राधाकृष्ण ने कहा कि पुलवामा हमला एक कायराना हमला था उन्होंने कहा कि वो इस हमले में अपना सर्वस्व देने वाले सैनिकों के परिवारों के साथ खड़े हैं. 

वहीं सिडनी में यूनाइटेड गुजरातीज़ ऑफ ऑस्ट्रेलिया के अध्यक्ष अमित व्यास कहते हैं कि इस घटना के बाद से हर भारतीय का गुस्से में हैं उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ज़रूर इस घटना पर कड़े कदम उठाएंगे.

Pulwama Attack: A protest by Hindu Council of Australia
Source: Gaurav Vaishnava/ SBS

उधर बिमल जोशी कहते हैं कि सैनिकों पर कायराना हमला किया गया है जिसका जवाब दिया जाना चाहिए उन्होंने कहा कि भारत आज अपनी सुरक्षा में सक्षम है. 

वहीं भारतीय सीनियर सिटीजन ग्रुप के नरेंद्र मिस्त्री कहते हैं कि उन्हें जब इस हमले के बारे में पता चला तो वो बहुत व्यथित थे. हालांकि वो इस वक्त में भारत सरकार से उम्मीद ही कर सकते हैं कि लेकिन फिर भी वो इस सभा के ज़रिए उग्रवाद के ख़िलाफ़ अपना विरोध प्रकट कर रहे हैं. 

विश्व हिंदू परिषद की नेशनल जनरल सेक्रेटरी अखिला रामारत्नम इस मौके पर भावुक नज़र आयीं. उन्होंने कहा कि मारे गए सैनिक उनके बेटे की उम्र के थे और इस मौके पर वो बहुत दुखी हैं उन्होंने उम्मीद जताई कि भारतीय सरकार इस घटना के बाद उग्रवाद के ख़िलाफ़ कड़ा कदम उठाएगी.

इस मौके पर पहुंचें पैरामाटा के एमपी और लिबरल नेता  ज्योफ ली ने कहा कि ऐसी घटना कही भी हो इसकी निंदा की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में ऑस्ट्रेलियाई समुदाय भारत के साथ खड़ा है. 

उधर लेबर नेता और ग्रेनविल से एमपी जूलिया फिन ने कहा कि इस घटना से वो बेहद आहत हैं और अपनी संवेदना प्रकट करती हैं. 

उधर बुधवार को इन संगठनों ने सिडनी के टाउन हाल में भी मार्च निकाला. इस मार्च में भी काफी संख्या में प्रवासी भारतीयों ने शिरकत की. 


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