55 वर्षीय गीता मोढा को एक काम के सिलसिले में भारत आना था. मैनचेस्टर ईवनिंग न्यूज की खबर के मुताबिक मोढा ने जल्दबाजी में अपने पति का पासपोर्ट उठा लिया और एयरपोर्ट पहुंच गईं.
वहां उन्होंने एमिरेट्स की फ्लाइट के लिए चेकइन किया और हर जांच से गुजरती हुईं विमान में जा बैठीं.
गीता को दुबई में फ्लाइट बदलनी थी लेकिन उन्हें वहां पासपोर्ट नहीं दिखाना पड़ा क्योंकि उनके पास ओवरसीज सिटिजनशिप कार्ड था.
जब वह दिल्ली पहुंचीं और इमिग्रेशन फॉर्म भरने लगीं तब जाकर गलती पकड़ में आई.
स्टोकपोर्ट की रहने वालीं गीता मोढा ने मैनचेस्टर ईवनिंग न्यूज को बताया, कितनी डरावनी बात है कि ठीक से कोई जांच ही नहीं हो रही है. चेक इन पर एयरलाइंस स्टाफ ने मुझसे एक बैग से सामान निकलवाकर दूसरे बैग में भी डलवाया."
भारतीय अधिकारियों ने दिल्ली से उन्हें लौटा दिया. मोढा दुबई में रुकीं. गीता के बेटे सागर ने उनका पासपोर्ट मैनचेस्टर में एमिरेट्स के अधिकारियों को दिया. तब उनका पासपोर्ट मैनचेस्टर से दुबई लाया गया.
वह कहती हैं, "वे लोग बस मेरा उप नाम देख रहे थे. पहला नाम किसी ने देखा ही नहीं. लेकिन मैं यदि इस तरह जा सकती हूं तो और कोई भी तो जा सकता है."
सागर कहते हैं, "मुझे उनकी बहुत फिक्र हो रही थी. और अब मैं ये भी सोच रहा हूं कि आज के वक्त में भी कोई गलत पासपोर्ट पर भारत तक पहुंच सकता है."
एमिरेट्स ने मोढा से इस घटना पर माफी मांगी है. एयरलाइंस के एक प्रवक्ता ने कहा, "सभी एयरलाइंस की तरह, हम यह सुनिश्चित करते हैं कि पासपोर्ट की जांच को लेकर हर तरह के नियमों का सख्ती सा पालन हो. इस मामले में सही मानकों का पालन नहीं हुआ और इसके लिए हम माफी चाहते हैं."
एयरलाइंस ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है.
