44 वर्षीय यूस्टस को ऑस्ट्रेलिया डे के रोज हुए झगड़े के दौरान चाकू से अपनी पत्नी की हत्या करने का दोषी पाया गया.
यूस्टेस 2016 में मैरी फ्रीमन से मिला था. कुछ ही हफ्तों की मुलाकात के बाद दोनों ने शादी कर ली थी. लेकिन शादी के करीब चार महीने बाद 27 जनवरी 2017 को यूस्टस ने फ्रीमन की चाकू से मारकर हत्या कर दी.
पुलिस ने अपनी जांच में पाया कि यूस्टेस ने चाकू के 12 वार किए थे.यह घटना ऑस्ट्रेलिया डे की शाम एक पार्टी के बाद हुई. पार्टी के दौरान यह दंपती अपने दोस्तों के साथ खाना-पीना कर रहा था. उसी दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया.
उस देर रात हैलम स्थित उनके घर में यूस्टस ने फ्रीमन को चाकू मारा.
मंगलवार को यूस्टस को सजा सुनाई गई. विक्टोरियाई सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस लेजली टेलर ने अपने फैसले में हत्या को क्रूर करार दिया.
उन्होंने यूस्टस से कहा, “आपने उसे (मैरी फ्रीमन) को पागलों की तरह चाकों से वार करके अपने बेडरूम में मारा.”
जज ने कहा कि जबकि दोस्तों ने उसे रोकने की कोशिश की, वह “मुझे छोड़ दो, मैं इस कुतिया को मार डालूंगा” कहते हुए छूटकर भागा और बेडरूम में जाकर दो बार और चाकू से वार किए.
पिछले साल सितंबर में यूस्टस ने अपना गुनाह कबूल किया था.
यूस्टस को 25 साल की सजा हुई है और उसे कम से कम 20 साल जेल में बिताने होंगे. उसके बाद उसे भारत निर्वासित किया जा सकता है.
