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'राजनीतिक फायदे के लिए पुनीत का प्रत्यर्पण चाहता है ऑस्ट्रेलिया'

पुनीत 2008 में हादसे के वक्त 19 वर्ष का था. वह शराब के नशे में गाड़ी चला रहा था और उनके पास लर्नर्स लाइसेंस था. उसने मेलबर्न में दो लोगों को टक्कर मार दी थी.

Puneet Puneet
A file photo of hit-and-run accused Puneet Puneet. Source: AAP

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ऑस्ट्रेलिया में एक व्यक्ति की हत्या के आरोपी पुनीत पुनीत के प्रत्यर्पण के मुकदमे में बीते हफ्ते एक नया मोड़ आया जब उनके वकील ने भारतीय अदालत को कहा कि ऑस्ट्रेलिया राजनीतिक फायदे के लिए पुनीत पुनीत का प्रत्यर्पण चाहता है.

दिल्ली की एक अदालत में जारी सुनवाई के दौरान पुनीत पुनीत के वकील कन्हैया कुमार सिंघल ने बीते शनिवार कोर्ट से कहा कि इस प्रत्यर्पण की वजह सिर्फ राजनीतिक हैं. उन्होंने कहा, 'इस प्रत्यर्पण की मांग राजनीतिक वजहों से है ताकि विक्टोरिया के नेताओं का फायदा पहुंचाया जा सके. पुनीत को सिर्फ इस वजह से निशाना बनाया जा रहा है.'

अपनी अंतिम दलीलें पेश करते हुए सिंघल ने शनिवार को कहा कि भारतीय कानून के मुताबिक प्रत्यर्पण तभी हो सकता है जबकि अपराध के लिए दोनों देशों में एक साल की सजा का प्रावधान हो, जो इस मामले पर लागू नहीं होता.

हालांकि विपक्षी वकील पहले भी इस दलील का विरोध कर चुके हैं. सिंघल ने कहा कि पुनीत पहले ही भारतीय जेल में दो साल बिता चुका है.

पुनीत 2008 में हादसे के वक्त 19 वर्ष का था. वह शराब के नशे में गाड़ी चला रहा था और उनके पास लर्नर्स लाइसेंस था. उसने मेलबर्न में दो लोगों को टक्कर मार दी थी. 19 वर्षीय डीन होफ्स्टी की इस हादसे में मौत हो गई थी जबकि क्लैन्सी कोकर गंभीर रूप से घायल हो गई थीं.

हालांकि ऑस्ट्रेलिया में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया था और सजा सुनाए जाने के इंताजर में जमानत पर रिहा था. लेकिन 2009 में वह अपने दोस्त का पासपोर्ट लेकर ऑस्ट्रेलिया से भाग निकला. चार साल बाद उसे भारतीय पुलिस ने उसकी शादी के दिन गिरफ्तार किया था.

तब से उसके प्रत्यर्पण का मुकदमा चल रहा है.

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