A woman wearing blue glasses and a denim jacket is sitting in a studio.
A woman wearing blue glasses and a denim jacket is sitting in a studio.

Obituary

रोडा रॉबर्ट्स एओ: वह सांस्कृतिक योद्धा जिन्होंने देश की दिशा बदल दी

रोडा रॉबर्ट्स एओ एक अग्रणी पत्रकार, प्रोड्यूसर, प्रसारक, कलाकार, और कलात्मक निर्देशक थीं। उन्होंने मीडिया, प्रदर्शन कला और रचनात्मक क्षेत्रों में बड़ा बदलाव लाया।

Published

By John-Paul Janke, Cameron Carr
Presented by Vrishali Jain
Source: SBS
Image: Rhoda Roberts received an Order of Australia in 2016 for distinguished service to the performing arts. (SBS)

इंडिजिनस सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान करते हुए, SBS/NITV ने रोडा का नाम, आवाज़ और तस्वीर इस्तेमाल करने की अनुमति ली है। यह उनकी इच्छा के अनुसार किया जा रहा है, और उनके परिवार व समुदाय से लगातार सलाह ली जा रही है।

मीडिया, प्रदर्शन और रचनात्मक कलाओं की दुनिया में अग्रणी रहीं रोडा रॉबर्ट्स एओ का 66 साल की उम्र में निधन हो गया है।

बहुत ही दुर्लभ प्रकार के ओवेरियन कैंसर से उनकी छोटी लेकिन कठिन लड़ाई शनिवार दोपहर अपनी पारंपरिक भूमि पर, परिवार के बीच समाप्त हुई।

नॉर्दर्न न्यू साउथ वेल्स के बुंजलुंग नेशन के विजाबुल विएबल समुदाय से आने वाली रोडा ने देश और दुनिया भर में इंडिजिनस संस्कृति, संगीत, कला, कहानियों, इतिहास और भाषा को आगे बढ़ाने और प्रस्तुत करने में बड़ा योगदान दिया।

उन्होंने परफॉर्मिंग आर्ट्स के क्षेत्र को नई दिशा दी। उन्होंने 'रेडियन्स' (1993) जैसी महत्वपूर्ण प्रस्तुतियों का निर्माण और प्रदर्शन किया, जो आधुनिक ब्लैक थिएटर के लिए एक मानक मानी जाती है।

अपने समय की एक मजबूत और प्रभावशाली आवाज़ के रूप में, उनकी रचनात्मक प्रतिभा दुनिया के बड़े मंचों पर भी चमकी और उन्होंने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इंडिजिनस संस्कृति को प्रस्तुत करने के तरीके को आकार दिया।

सिडनी 2000 ओलंपिक उद्घाटन समारोह के इंडिजिनस हिस्से “अवेकनिंग” की क्रिएटिव डायरेक्टर के रूप में उनकी भूमिका से लेकर 2003 रग्बी वर्ल्ड कप, विविड सिडनी, गार्मा फेस्टिवल, फीफा महिला वर्ल्ड कप 2023 के उद्घाटन समारोह और ऐलिस स्प्रिंग्स के पार्तजिमा फेस्टिवल तक—उनकी सोच और दृष्टि ने बड़े सांस्कृतिक आयोजनों को एक नया आकार दिया।

A woman standing in front of three panels of murals outside.
Rhoda Roberts presented and produced several programs and documentaries for SBS, including Vox Populi. Source: Supplied

उन्हें 2016 में ऑर्डर ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया से सम्मानित किया गया, जो उन्हें प्रदर्शन कला, नेतृत्व, सामाजिक पहल और समकालीन इंडिजिनस संस्कृति को बढ़ावा देने में उनके विशिष्ट योगदान के लिए मिला।

रोडा रॉबर्ट्स ने 2021 से एसबीएस और एनआईटीवी में पहली एल्डर इन रेसिडेंस के रूप में भी सेवा दी। उसी वर्ष उन्हें नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ड्रामेटिक आर्ट (निडा) में फर्स्ट नेशन्स कंसल्टेंट भी नियुक्त किया गया।

वे कई महत्वपूर्ण संस्थाओं में बोर्ड सदस्य भी रहीं, जिनमें इंडिजिनस टूरिज़्म ऑस्ट्रेलिया, प्लेराइटिंग ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रेलियन इंटरनेशनल कल्चरल काउंसिल (AICC), न्यू साउथ वेल्स एंटी-डिस्क्रिमिनेशन बोर्ड, एक्टर्स इक्विटी, नेशनल एबोरिजिनल एंड आइलैंडर स्किल्स डेवलपमेंट एसोसिएशन (NAISDA), न्यू साउथ वेल्स ऑस्ट्रेलिया डे काउंसिल, वांटोक म्यूज़िक, डार्लिंग हार्बर अथॉरिटी और योथु यिंदी फाउंडेशन गार्मा फेस्टिवल बोर्ड शामिल हैं।

2020 में उन्हें स्क्रीनवर्क्स के बोर्ड में नियुक्त किया गया। यह एक गैर-लाभकारी संस्था है, जो क्षेत्रीय ऑस्ट्रेलिया में स्क्रीन से जुड़े कलाकारों और तकनीकी टीम को सहयोग देने और सशक्त बनाने का काम करती है।

2022 में उन्होंने वॉयेजेस इंडिजिनस टूरिज़्म के ज़रिये आयर्स रॉक रिज़ॉर्ट में बनने वाली गैलरी ऑफ सेंट्रल ऑस्ट्रेलिया (GOCA) और नॉर्थ क्वींसलैंड के मॉसमैन गॉर्ज कल्चरल सेंटर की गैलरी के लिए सलाहकार के रूप में काम किया।

A photograph of a father and his daughter, posing and smiling.
A young Rhoda Roberts and her father, Pastor Frank Roberts. Source: Supplied

इस भूमिका में उन्होंने अनांगू समुदाय और वॉयेजेस के बीच संवाद और सलाह की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद की। इसी के तहत उलुरु में विंजिरी विरू जैसे दुनिया के पहले शानदार ड्रोन, साउंड और लाइट शो को साकार किया गया।

जून 2024 में, वह हवाई में आयोजित फेस्टिवल ऑफ़ पैसिफ़िक आर्ट्स एंड कल्चर में ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल की आर्टिस्टिक डायरेक्टर थीं, जहां उन्होंने 70 प्रथम राष्ट्र कलाकारों, प्रदर्शनकारियों और विशेषज्ञों का नेतृत्व किया।

एसबीएस के चेयर डॉ. निकोलस पपास एएम ने रोडा रॉबर्ट्स के जीवनभर के योगदान को श्रद्धांजलि दी।

उन्होंने कहा, “रोडा रॉबर्ट्स ने साहसिक और दूरदर्शी नेतृत्व, दृढ़ विश्वास और संस्कृति के प्रति गहरी ज़िम्मेदारी के साथ काम किया। उनके काम ने ऑस्ट्रेलिया के रचनात्मक और सांस्कृतिक जीवन पर एक स्थायी छाप छोड़ी है। उनका योगदान संस्कृति, ईमानदारी और उद्देश्य पर आधारित एक मानक स्थापित करता है।”

उन्होंने आगे कहा, “उन्होंने फर्स्ट नेशन्स संस्कृतियों और आधुनिक बहुसांस्कृतिक ऑस्ट्रेलिया के बीच संबंध को मजबूत किया और वे हमेशा एसबीएस के लिए खास स्थान रखेंगी।”

पपास ने कहा, “उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई मीडिया में संभावनाओं की सीमाओं का विस्तार किया, और उनका प्रभाव आने वाले वर्षों में एसबीएस नेटवर्क और व्यापक कला व मीडिया क्षेत्र का मार्गदर्शन करता रहेगा।”

एसबीएस की कार्यकारी प्रबंध निदेशक जेन पेलफ्रेमन ने कहा कि रोडा रॉबर्ट्स ने प्रथम राष्ट्र की कहानियों को उदारता से साझा किया और आने वाली पीढ़ियों के लिए नए रास्ते बनाए।

पेलफ्रेमन ने कहा, “रोडा एक सच्ची अग्रदूत थीं और हमारे उद्योग में कई ‘पहली’ उपलब्धियों की नेता रहीं। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के सांस्कृतिक परिदृश्य में एबोरिजिनल और टोरेस स्ट्रेट आइलैंडर प्रतिनिधित्व को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।”

उन्होंने आगे कहा, “एसबीएस में उनका प्रभाव गहराई से महसूस किया जाता है। हाल ही में पहली एल्डर इन रेसिडेंस के रूप में उन्होंने हमारे संगठन के कामकाज में संस्कृति को गहराई से शामिल किया। अपनी ज्ञान, समझ, और आत्मा को खुले दिल से साझा करने वाली रोडा आगे भी हमें यह सिखाती रहेंगी कि हम कैसे काम करें, नेतृत्व करें और कहानियां सुनाएं।”

A woman speaking while standing on a stage. She is standing in front of a screen that says: RHODA ROBERTS.
Rhoda Roberts received an Order of Australia honour in 2016 for distinguished service to the performing arts, leadership, advocacy and promoting contemporary Indigenous culture. Source: Supplied

निधन से पहले, रोडा रॉबर्ट्स को उनके करियर और योगदान के लिए प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ी ने भी सराहा था।

दिसंबर में उन्होंने कहा, “रोडा, आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। आपने जो कुछ भी बनाया, प्रेरित किया और साझा किया, उसके लिए हम आभारी हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “हम आपके असाधारण करियर और उस राह का सम्मान करते हैं जो आपने आने वाली पीढ़ियों के लिए बनाई है।”

रोडा के परिवार में उनके साथी स्टीफन, उनके बच्चे—जैक, सारा और एमिली शामिल हैं। एमिली उनकी जुड़वां बहन की बेटी थीं, जिन्हें रोडा ने बचपन से ही अपनी संतान की तरह पाला।

अपने लंबे करियर में उन्हें कई सम्मान मिले। 2019 में उन्हें ऑस्ट्रेलिया काउंसिल का रॉस बावर अवॉर्ड मिला। 2018 में उन्हें हेल्पमैन अवॉर्ड्स का सू नैट्रास अवॉर्ड दिया गया। इसके अलावा 1998 में ब्रॉडकास्टिंग के लिए डेडली अवॉर्ड, और 1997 में सिडनी मायर फैसिलिटेटर्स अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया।

पिछले साल जुलाई में उन्हें फर्स्ट नेशन्स मीडिया अवॉर्ड्स में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से नवाज़ा गया।

रोडा रॉबर्ट्स अनगिनत कलाकारों, अभिनेताओं, संगीतकारों, प्रोड्यूसरों, पत्रकारों।, और सांस्कृतिक कर्मियों के लिए एक मार्गदर्शक और करीबी मित्र थीं।

कई ‘पहली’ उपलब्धियों से भरी एक ज़िंदगी

1959 में न्यू साउथ वेल्स में जन्मी रोडा रॉबर्ट्स ने 1987 में पहले ब्लैक नेशनल प्लेराइट्स कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया। इसके बाद साल 1988 में उन्होंने एबोरिजिनल नेशनल थिएटर ट्रस्ट की सह-स्थापना की। 1993 में उन्होंने बेल्वोयर स्ट्रीट थिएटर में लुईस नोव्रा के चर्चित नाटक 'रेडियंस' में अभिनय किया। यह नाटक '90 के दशक के मध्य में ब्लैक थिएटर के लिए एक नया दौर लेकर आया।

1994 में, अपने करियर के शिखर पर, उन्होंने अभिनेता बिल हंटर से शादी की। बाद में 1998 में दोनों अलग हो गए, जो उनके निधन से तीन साल पहले की बात है।

1990 के दशक के अंत में, उन्हें सिडनी ओलंपिक गेम्स ऑर्गनाइजिंग कमेटी (SOCOG) ने उन्हें कई कलात्मक सलाहकार भूमिकाएं निभाने का आमंत्रण दिया। इसमें कल्चरल ओलंपियाड, फेस्टिवल ऑफ द ड्रीमिंग (1997–2000), सिडनी ड्रीमिंग इवेंट्स, और टॉर्च रिले शामिल थे।

वह सिडनी ओलंपिक उद्घाटन समारोह के इंडिजिनस हिस्से की क्रिएटिव डायरेक्टर भी रहीं। यह 8 मिनट का विशेष प्रस्तुति खंड 'अवेकनिंग' था।

2012 से 2021 तक सिडनी ओपेरा हाउस में इंडिजिनस प्रोग्रामिंग की प्रमुख के रूप में, रोडा रॉबर्ट्स ने 'होमग्राउंड' नाम का एक वार्षिक, निःशुल्क आउटडोर फेस्टिवल शुरू किया, जो प्रथम राष्ट्र संगीत, नृत्य, और संस्कृति का उत्सव है। 2015 में उन्होंने इसमें डांस राइट्स को भी जोड़ा।

उन्होंने 2016 में साप्ताहिक राष्ट्रीय कार्यक्रम 'डेडली वॉयसेज़ फ़्रॉम द हाउस' का निर्माण किया। उसी साल 'सॉन्गलाइन्स' के तहत ओपेरा हाउस के सेल्स पर इंडिजिनस कला की रोशनी दिखाई गई।

2018 में NAIDOC वीक से पहले बाडु गिली प्रोजेक्शन शुरू किया गया, जिसमें रोज़ाना ओपेरा हाउस की पूर्वी बेनेलोंग सेल पर प्रथम राष्ट्र कला की रोशनी प्रदर्शित की जाती है।

A female news anchor in an orange-and-black blazer sits next to a male anchor in a suit. There's an Indigenous logo with "First in Line" written at the bottom, behind them.
Rhoda Roberts (left) was an anchor on the program First in Line, the first Indigenous current affairs program to air on Australian television.

कला के क्षेत्र में उनकी आमद किसी सीधे रास्ते से नहीं हुई। उन्होंने 1979 में रजिस्टर्ड नर्स के रूप में पढ़ाई पूरी की।

1981 में वह लंदन गईं, जहां उन्होंने वेस्टमिंस्टर अस्पताल में काम किया, साथ ही इटली, ग्रीस और भारत के अस्पतालों में भी सेवाएं दीं।

1980 के दशक के मध्य में वह सिडनी लौटीं और परफॉर्मिंग आर्ट्स की पढ़ाई शुरू की।

इसके बाद जल्द ही उन्हें टेलीविजन और थिएटर में अभिनय के अवसर मिलने लगे।

वह मीडिया और प्रसारण क्षेत्र में एक अग्रणी हस्ती बनकर उभरीं। 1989 में उन्होंने माइकल जॉनसन के साथ मिलकर फर्स्ट इन लाइन की सह-प्रस्तुति की। यह ऑस्ट्रेलिया का पहला एबोरिजिनल करंट अफेयर्स था।

बाद में उन्होंने एसबीएस के लिए कई डॉक्यूमेंट्री और कार्यक्रम प्रस्तुत और प्रोड्यूस किए, जिनमें वॉक्स पॉपुली और हॉटलाइन शामिल हैं, जिन्हें एसबीएस के प्रसिद्ध प्रस्तोता सिल्वियो रिवियर और स्टीवन कुक प्रस्तुत करते थे।

1993 में उन्होंने राष्ट्रीय रेडियो कार्यक्रम डेडली साउंड्स में प्रोड्यूसर और ब्रॉडकास्टर के रूप में काम किया। यह कार्यक्रम 21 साल तक चला और इसने इंडिजिनस समुदाय को ऑस्ट्रेलियाई मीडिया में एक सकारात्मक आवाज़ दी।

एसबीएस के अलावा, उन्होंने टेलीविजन पर 'होम एंड अवे', 'अ कंट्री प्रैक्टिस' और 'ब्लू हीलर्स' जैसे कार्यक्रमों में अतिथि भूमिकाएं निभाईं।

फिल्मों में उन्होंने विम वेंडर्स की 'अनटिल द एंड ऑफ द वर्ल्ड' के साथ-साथ कई शॉर्ट फिल्मों में भी काम किया।

2018 के एक इंटरव्यू में रोडा रॉबर्ट्स ने 1980 के दशक में प्रथम राष्ट्र की कहानियों के प्रभाव पर बात की।

उन्होंने सैटेलाइट ड्रीमिंग को बताया, “सिर्फ फर्स्ट इन लाइन ही नहीं, बल्कि वॉक्स पॉपुली भी एक शानदार मौका था, जहां हम ऐसी कहानियां दिखा सके जो सच में अच्छी खबरें थीं, लेकिन साथ ही एक अलग नज़रिया भी पेश करती थीं।”

उन्होंने आगे कहा, “हम हल्की-फुल्की कहानियों से आगे बढ़कर राजनीतिक और जानकारी आधारित कहानियां भी लेकर आए, जो एक अलग दृष्टिकोण को सामने लाती थीं।”

सदी पलटने तक उनकी पहचान, प्रभाव और रचनात्मकता लगातार बढ़ती रही। उन्हें कई बड़े आयोजनों के लिए चुना गया, जिनमें एथेंस ओलंपिक गेम्स का हैंडओवर समारोह, पेरिस के म्यूज़े दु क्वे ब्रानली का उद्घाटन (2006), जापान एक्सपो (2006) और सिडनी न्यू ईयर सेलिब्रेशन (2008–2011) शामिल हैं।

वह हमेशा इंडिजिनस कलाकारों, प्रदर्शनकारियों और संगीत को आगे बढ़ाने में लगी रहीं। उन्होंने फेस्टिवल ऑफ द ड्रीमिंग, सिडनी ड्रीमिंग फेस्टिवल और क्वींसलैंड के वुडफोर्ड के पास ड्रीमिंग फेस्टिवल की स्थापना की और आर्टिस्टिक डायरेक्टर रहीं।

2003 से 2013 के बीच, उन्होंने सिडनी के बरांगरू में होने वाले वार्षिक वोग्गन-मा-गुले समारोह को विकसित किया और उसका निर्देशन किया। यह समारोह हर साल 26 जनवरी की सुबह आयोजित होता था, जिसमें संगीत, नृत्य, भाषा, और कहानियों के माध्यम से प्रथम राष्ट्र संस्कृति को सम्मान और उत्सव के रूप में प्रस्तुत किया जाता था।

2005 से 2007 तक रोडा रॉबर्ट्स एबीसी रेडियो नेशनल के कार्यक्रम 'अवे' में रिपोर्टर और होस्ट रहीं। इसके बाद 2008 से 2011 तक उन्होंने सिडनी न्यू ईयर सेलिब्रेशन की क्रिएटिव डायरेक्टर के रूप में काम किया।

2012 में उन्हें ओपेरा ऑस्ट्रेलिया ने यर्राबाह द म्यूज़िकल के निर्देशन और लेखन के लिए नियुक्त किया। यह ज़िम्मेदारी उन्हें 2009 के ब्रिस्बेन फेस्टिवल में इटली के जॉर्जियो बटिस्टेली के अंतरराष्ट्रीय ओपेरा मिरिकोलो आ मिलानो के सफल निर्देशन के बाद मिली।

दिसंबर 2012 में उन्होंने एनआईटीवी को फ्री-टू-एयर लॉन्च करने में अहम भूमिका निभाई। रोडा रॉबर्ट्स उस समय उलुरु से स्टैन ग्रांट के साथ ऐतिहासिक राष्ट्रीय प्रसारण की प्रमुख एंकर रहीं।

हमेशा एक कहानीकार रहीं रोडा ने हाल ही में एनआईटीवी द्वारा निर्मित डॉक्यूमेंट्री द कोलियानो हार्ट में कंसल्टिंग डेवलपमेंट डायरेक्टर के रूप में भी काम किया।

A woman smiling while sitting in the trunk of a tree as she poses for a photo.
Rhoda Roberts was a mentor and friend to countless artists, actors, musicians, producers, journalists and cultural workers. Source: Supplied

कैंसर के इलाज के लिए रोडा रॉबर्ट्स ने कई भूमिकाओं से इस्तीफा दिया, जिनमें द कूरी मेल अख़बार में सांस्कृतिक प्रमुख की भूमिका भी शामिल थी। यह एक एबोरिजिनल स्वामित्व वाला राष्ट्रीय अख़बार है, जिसकी स्थापना मई 1991 में ओवेन कैरिज और रोडा के पिता पास्टर फ्रैंक रॉबर्ट्स ने की थी।

बीमारी के बावजूद, दिसंबर 2025 में उन्होंने सिडनी ओपेरा हाउस में अपना लिखा एकल नाटक माय कज़िन फ्रैंक प्रस्तुत किया। यह नाटक उनके चचेरे भाई फ्रैंक रॉबर्ट्स की कहानी पर आधारित था, जो 1964 में ऑस्ट्रेलिया के पहले एबोरिजिनल ओलंपियन बने थे।

यह उनका आखिरी सार्वजनिक प्रदर्शन साबित हुआ।

वह द इंडिजिनस वर्ल्ड आर्ट ऑर्केस्ट्रा नाम की एक नई प्रस्तुति पर काम कर रही थीं। साथ ही वह फीचर डॉक्यूमेंट्री बलांग (टॉम ई. लुईस की कहानी) का निर्देशन कर रही थीं और एक फिल्म बुकल (हेनरीएटा मारी की कहानी) के विकास पर भी काम कर रही थीं।

एसबीएस में प्रथम राष्ट्र की निदेशक, गुगु यिमिथिर और बिर्री गुब्बा समुदाय से आने वाली तान्या डेनिंग-ऑरमन ने कहा कि रोडा रॉबर्ट्स ने नई पीढ़ी के इंडिजिनस मीडिया पेशेवरों को प्रेरित करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई।

डेनिंग-ऑरमन ने कहा, “उन्हें प्राइम-टाइम टीवी पर देखना मेरे लिए और कई लोगों के लिए प्रेरणा था। उन्होंने सिर्फ बदलाव का नेतृत्व नहीं किया, बल्कि पूरे क्षेत्र को आगे बढ़ाया और उन नेताओं को तैयार किया जो आज इस बदलाव की मशाल को आगे ले जा रहे हैं—एक ऐसी मशाल जो उन्हें उनके परिवार, उनकी कहानी और उनके पूर्वजों से मिली थी।”

उन्होंने आगे कहा, “उनकी कला सिर्फ स्क्रीन और मंच तक सीमित नहीं थी, बल्कि प्रथम राष्ट्र नेतृत्व के समर्थन और अगली पीढ़ी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता में भी दिखती थी।”

उन्होंने अंत में कहा, “रोडा, हम आपको याद करेंगे, आपका धन्यवाद करते हैं, और हम जो भी करेंगे उसमें आपको हमेशा अपने साथ लेकर चलेंगे।”

दर्द और खोने का स्थायी अनुभव

जुलाई 1998 में, रोडा रॉबर्ट्स की जुड़वां बहन लोइस निम्बिन और लिसमोर के बीच लिफ्ट लेकर यात्रा करते समय लापता हो गईं।

परिवार को बताया गया कि 38 साल की लोइस बस “कहीं चली गई हैं” और उन्हें कहा गया कि वे आवश्यकता से अधिक चिंता कर रहे हैं।

छह महीने बाद, उनके अवशेष पास के व्हियन व्हियन स्टेट फॉरेस्ट में मिले। उन्हें बांधकर उनके साथ अत्याचार, शोषण, और हत्या की गई थी।

A photograph featuring two people smiling.
Rhoda Roberts (left) and her twin sister Lois who’s murder in 1998 remains unsolved. Source: Supplied

उनकी मौत के मामले में आज तक किसी पर आरोप तय नहीं हुआ है और इस केस की दोबारा जांच भी कभी नहीं की गई।

रोडा रॉबर्ट्स अक्सर लोइस के बारे में बात करती थीं—उनके बीच के गहरे रिश्ते को याद करते हुए और इस नुकसान के स्थायी दर्द को साझा करते हुए।

उन्होंने एक हालिया इंटरव्यू में कहा, “जिस दिन से वह गई है, हर रात सोने से पहले मैं उसके बारे में सोचती हूं। सुबह उठते ही सबसे पहले वही याद आती है। इसलिए वह हमेशा मेरे लिए जवान ही रहेगी।”

वेलकम टू कंट्री (पारंपरिक स्वागत समारोह)

रोडा रॉबर्ट्स को 1980 के दशक में वेलकम टू कंट्री शब्द को लोकप्रिय बनाने का श्रेय भी दिया जाता है।

उन्होंने पिछले साल एसबीएस एक्सामिन्स को बताया, “वेलकम टू कंट्री हमारे लिए अपने धार्मिक विश्वास और उन परंपराओं को याद करने का एक मौका था, जिन्हें हम हमेशा निभाते आए थे।”

“लेकिन उपनिवेश और समावेशन (असिमिलेशन) की प्रक्रिया के दौरान ये परंपराएं जल्द ही प्रतिबंधित कर दी गईं।”

जुलाई में एबीसी को दिए एक इंटरव्यू में रोडा रॉबर्ट्स ने बताया कि 1980 के दशक में, जब वह एबोरिजिनल नेशनल थिएटर ट्रस्ट चला रही थीं, तब उन्हें वेलकम टू कंट्री शब्द देने का श्रेय मिला।

उन्होंने कहा, “हमने सोचा, क्यों न हम अपने समुदायों में होने वाली इस परंपरा को फिर से शुरू करें, लेकिन इसे कला जगत में भी लाएं, क्योंकि यह क्षेत्र खुला, लचीला और गहराई से सोचने-समझने वाला है।”

उन्होंने आगे कहा, “फिर हमने सोचा कि इसे क्या नाम दिया जाए, और तभी मैंने वेलकम टू कंट्री नाम दिया।”

‘हमेशा उदार और दयालु रहें’

आगे की पीढ़ी के बारे में रोडा रॉबर्ट्स ने कहा, “अगली पीढ़ी बहुत शानदार दिखती है।"

उन्होंने जुलाई में एबीसी से कहा, “आज ऐसे लोग हैं जो बेहद शिक्षित हैं, और साथ ही बहुत गहराई से सोचने-समझने की क्षमता रखते हैं।”

“वे आगे की संभावनाओं को देख रहे हैं और समझ रहे हैं कि उनके लिए कितने अवसर मौजूद हैं। अगर हम इस देश के हर क्षेत्र को देखें, तो हर जगह एबोरिजिनल लोग काम कर रहे हैं।”

रोडा रॉबर्ट्स ने कहा कि प्रथम राष्ट्र लोग कई विशेष क्षेत्रों में काम कर रहे हैं और ऑस्ट्रेलिया और उसकी अर्थव्यवस्था को "वापस योगदान" दे रहे हैं।

उन्होंने कहा, “लेकिन हम अक्सर इन बातों पर ध्यान नहीं देते। हम ज़्यादातर उन कठिन समस्याओं पर ध्यान देते हैं जिनसे कई समुदाय जूझ रहे हैं जैसे, जेल में बंद होना या घरेलू हिंसा।”

इंटरव्यू के अंत में उन्होंने अपने पिता, पास्टर फ्रैंक रॉबर्ट्स से मिली एक सीख साझा की।

उन्होंने कहा, “आप जानते हैं कि आप कौन हैं। हम हज़ारों सालों से यहां हैं—यह कितनी अद्भुत बात है। इसलिए हमेशा उदार और दयालु रहें।”

एसबीएस हिन्दी के सभी कार्यक्रम आप सुन सकते हैं शाम 5 बजे डिजिटल रेडियो, टीवी चैनल 305, एसबीएस ऑन डिमांड, या एसबीएस ऑडियो ऐप पर, या एसबीएस साउथ एशियन के यूट्यूब चैनल पर, या आप हमारी वेबसाइट से स्ट्रीम द्वारा हमें सुन सकतें है। आपको हमारे पॉडकास्ट एसबीएस हिन्दी पॉडकास्ट कलेक्शन पर भी मिल सकते हैं।

Follow SBS Hindi

Download our apps

Watch on SBS

SBS Hindi News

Watch it onDemand

Watch now