आपको बता दें कि ग्रेटर सिडनी को मिलने वाली 85 फीसदी पानी की सप्लाई बारिश पर निर्भर करती है. और ज़ाहिर है पिछले काफी समय से अच्छी बारिश नहीं होने के कारण राज्य में सूखे के हालात बन रहे हैं. ऐसे में सिडनी जैसे बड़े शहर में पानी की ज्यादा खपत के चलते पानी सप्लाई करने वाले जलाशयों और बांधों में पानी का स्तर भी तेज़ी से कम हो रहा है. वास्तविक आंकड़ों की बात करें तो बांधों में पानी का स्तर 53 फीसदी से कम तक पहुंच गया है. 28 मई को राज्य की जल मंत्री मेलिंडा पावे ने लेवल 1 स्तर के प्रतिबंध की घोषणा की. हालांकि ये प्रतिबंध पानी के स्तर के 50 फीसदी पर पहुंचने के बाद ज़रूरी होते हैं लेकिन राज्य सरकार ज्यादा सतर्कता बरतना चाहती है.
इस बारे में हमने बात की सिडनी वॉटर के सीनियर मीडिया एंड पब्लिक रिलेशन एडवाइज़र पीटर हेडफील्ड से, जो बताते हैं कि इस प्रतिबंध के तहत
- आप अपने लॉन या पौधों को पानी देने के लिए स्टैन्डर्ड स्प्रिंकल्स या सिस्टम का प्रयोग नहीं कर सकते हैं. पानी के पाइप या टैप को खुला छोड़कर नहीं जा सकते.
- बिना ट्रिगर नोज़ल या हाई प्रेशर क्लीनिंग इक्विपमेंट के आप अपनी गाड़ी या इमारत को नहीं धो सकते.
- आप अपने पूल को 10 हज़ार लीटर से ज्यादा नहीं भर सकते बशर्ते कि आपके पास पूल कवर हो और पूल सप्लायर का परमिट हो.
- आप पानी से रास्ते या ड्राइव वे को नहीं धो सकते.
पीटर बता रहे हैं कि हर संभव माध्यम से लोगों तक इस प्रतिबंध के बारे मे जानकारी पहुंचाने की कोशिश की जा रही है.
आपको बता दें कि इन प्रतिबंधों का उल्लंघन करने का दोषी पाए जाने पर आम लोगों पर 220 डॉलर का फाइन लगाया जाएगा. जबकि व्यवसायों पर 550 डॉलर का. हालांकि हमने पीटर से ये भी सवाल किया कि वो पानी की किल्लत से उबरने के मामले में निकट भविष्य में किस तरह की संभावनाएं देख रहे हैं. इसके जवाब में वो कहते हैं कि सिडनी वॉटर दूसरे विकल्पों पर भी विचार कर रहा है लेकिन वो चाहते हैं कि लोग इस मौके पर अपनी ज़िम्मेदारियां समझें और न केवल घर के बाहर के कामों में बल्कि घर के अंदर के कामों में भी सोच-समझ कर पानी का इस्तेमाल करें.
