प्रार्थना सभा की शुरूआत शबद कीर्तन से हुई करीब चालीस मिनट चले कीर्तन के बाद रोज़ होने वाली अरदास में भी उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना की गई। इस दौरान वहां मौजूद लोगों की आंखे नम दिखीं।
पिता भी थे मौजूद
मनमीत के पिता रामस्वरूप शर्मा भी इस सभा में शामिल हुए उन्होंने एसबीएस को बताया कि ब्रिसबेन और सिडनी में बसे भारतीय समुदाय के अनुरोध पर मनमीत की पहली पुण्य तिथि पर वो ऑस्ट्रेलिया आए हैं। उन्होंने नम आंखों से सभी लोगों के सहयोग के लिए शुक्रिया अदा किया साथ ही जल्द न्याय मिलने की उम्मीद भी जताई।
जानने वालों ने की यादें साझा
मनमीत के जानने वालों ने उन्हें के ज़िंदा दिल इंसान बताया उनके मित्र गुरु ने कहा कि मनमीत ऑस्ट्रेलिया को पैराडाइज़ कहा करते थे। इसलिए उनकी याद में ब्रिसबेन में एक पार्क का नाम भी “मनमीत पैराडाइज़” रखा गया है।
मनमीत की याद में जनकल्याण कार्यक्रम
पिछले दिनों मनमीत की याद में ब्लड डोनेशन कैंप का भी आयोजन किया गया है। उनके जानने वालों का कहना है कि आगे भी वो समाज कल्याण के ऐसे कार्यक्रम करते रहेंगे ताकि मनमीत की अच्छाई हमेशा ज़िंदा रहे।
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