गुरुवार को, सैम अब्राहम की हत्या के लिए दोनों को जेल भेजा गया है। मेलबर्न कोर्ट ने दोनों को फरवरी में सोफ़िया के पति की मौत के लिए दोषी ठहराया था।
गुरुवार को कोर्ट ने सोफ़िया सैम को 22 साल और अरुण को 27 साल जेल की सज़ा सुनाई।

सैम अब्राहम अक्टूबर 2015 में अपने घर में मृत पाए गए थे। पहले ये माना गया कि उनकी मौत हार्ट अटैक की वजह से हुई थी लेकिन पोस्टमॉर्टम जांच में पता चला कि उनकी मौत की वजह साइनाइड थी।
इस खोज के चलते, पुलिस ने तहकीकात की और जांच में ये पता चला कि अब्राहम की पत्नी सोफ़िया एक युवक अरुण कमलासनं से प्यार करती थी और दोनों, सैम अब्राहम से छिपकर एक-दूसरे से मिलते थे।
कोर्ट की सुनवाई में यह बात भी सामने आई कि दोनों ने अपने प्यार का इजहार करने के लिए एक गुप्त डायरी रखी थी। कमलासनं अपनी पत्नी और बच्चे को भारत में छोड़ कर 2013 में मेलबर्न आए थे।

सुनवाई में ये बात सामने आई कि अरुण ने अक्टूबर 2015 की रात को सोफ़िया के घर जाकर सोते हुए सैम को नारंगी का जूस पिलाया। जूस में साइनाइड मिलाया गया था।
सोफ़िया ने कोर्ट को बताया कि उसके बारे में उसे कुछ नहीं पता था और वो सो रही थी। हालांकि कोर्ट ने यह दलील नहीं मानी.
अभियोजक केरी जुड क्यूसी ने कोर्ट को बताया कि "सोफिया सैम और अरुण कमलासनं का मकसद सैम अब्राहम को मारना था। वे दोनों एक साथ रहना चाहते थे।"

सोफ़िया और सैम अब्राहम का बेटा, अब सोफ़िया की बहन का साथ रहता है।
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