उत्तर प्रदेश के ओरई जिले में तीन दिन की सजा काटने के बाद ये आठ गधे सोमवार को बाहर आए.
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्स्प्रेस के मुताबिक इन गधों ने ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत जेल के बाहर लगाए गए गमले तोड़ दिए थे, जिससे जेल प्रशासन को 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ.
रिहाई की एवज में गधों के मालिक से एक हलफनामे पर लिखवाया गया कि ये जानवर दोबारा जेल के आस पास नजर नहीं आएंगे.
जेल अधिकारियों ने कहा कि गधों को सबक सिखाने के लिए एक कमरे में बंद रखा गया.
ओरई जिला कारावास के अधीक्षक सीताराम शर्मा ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “हम स्वच्छ भारत अभियान के तहत जेल में एक पौधारोपण की योजना बना रहे थे. हम दिल्ली और आगरा से पौधे लाए थे. लेकिन बकरियों, गायों और गधों ने 50 हजार रुपये के ये पौधे बर्बाद कर दिए. हमने इन जानवरों के मालिकों को तलाश किया. बकरियों और गायो के मालिकों को तो जानवर उसी दिन सौंप दिए गए. लेकिन गधों के मालिक का पता नहीं चला तो हमने उन्हें एक खाली कमरे में बंद कर दिया.”
सोमवार को इन गधों के मालिक कमलेश कुमार पहुंचे और अपने गधों के किये की माफी मांगी. तब रिहाई मिली.
