Settlement Guide: How to foster a child in Australia

ऑस्ट्रेलिया में बच्चों के लिए फॉस्टर केयर की जरूरतें लगातार बढ़ रही हैं. बच्चों को सुरक्षित घर और प्यार करने वाले परिवार चाहिए. अपने समुदाय के बच्चे को घर में लाने के बहुत से फायेद भी हैं लेकिन बहुसांस्कृतिक समुदाय के, अलग अलग सांस्कृतिक और सामाजिक पृष्ठभूमि के बच्चों के लिए फॉस्टर केयर की मांग भी बहुत बढ़ रही है. तो फॉस्टर केयरर कैसे बनें, जानते हैं आज की सेटलमेंट गाइड में, जिसे तैयार किया है ऑड्रे बॉरजेट ने और पेश कर रहा हूं मैं विवेक आसरी.

Foster Care

Source: ( CC0 Public Domain )

फॉस्टर केयरर बनकर आप किसी बच्चे की जिंदगी में अहम भूमिका अदा कर सकते हैं.

कौन बन सकता है फॉस्टर केयरर?

फॉस्टर केयरर बनने के लिए आपको:

 

- ऑस्ट्रेलिया का नागरिक या स्थायी निवासी होना चाहिए.

- स्वस्थ होना चाहिए.

- साफ रिकॉर्ड का होना चाहिए यानी आपका कोई अपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए.

- आदर्श स्थिति में 25 साल से ऊपर होना चाहइए.

 

और एक जरूरत ये है कि आपके घर में एक अतिरिक्त कमरा होना चाहिए ताकि मुश्किल हालात से आने वाले बच्चों के पास अपनी एक जगह हो जहां वे सुरक्षित महसूस करें और जिसे वे अपना कह सकें.

साथ ही, आपको धर्यवान और विशाल हृदयी होना चाहिए. हालांकि इससे फर्क नहीं पड़ता कि आप शादीशुदा हैं या अकेले रहते हैं या फिर आप समलैंगिक यां नहीं. यह बात भी मायने नहीं रखती कि आपका अपना घर है या फिर आप किराये पर रहते हैं.
Foster Care
Source: SBS

आपके लिए सही फॉस्टर केयर

हालांकि फॉस्टरिंग कई बार लंबे समय तक चलने वाली जिम्मेदारी होती है. और बहुत बार इसकी परिणति बच्चे को गोद ले लेने के रूप में होती है. लेकिन ज्यादातर फॉस्टर केयरर की जरूरत कम समय के लिए चाहिए होती है. अक्सर बच्चे कुछ दिनों से लेकर कुछ महीनों तक फॉस्टर केयर में रहते हैं. फॉस्टर केयर के अलग अलग प्रकार हैं:

 

- Emergency care (12 hours onwards): अक्सर इसमें बच्चा आपके पास बिना किसी पूर्व सूचना के पहुंचता है. वह कुछ घंटों से कुछ महीनों तक रह सकता है.

-Respite care (2 days to 3 weeks): ऐसा तब होता है जब बच्चा किसी अन्य फॉस्टर केयर में रह रहा हो लेकिन उस केयरर को ब्रेक चाहिए हो.

-Restoration and interim care (up to 12 months): इस मामले में बच्चा आपके पास तब तक रहेगा जब तक कि उसका अपना परिवार उसकी देखभाल के लिए पूरी तरह तैयार ना हो.

-Guardianship: ऐसा अदालत के आदेश से होता है. तब बच्चे को अपने किसी जानकार या रिश्तेदार के पास 18 वर्ष की आयु तक रहने के लिए भेजा जाता है.

-Open adoption from care (lifelong): इस मामले में बच्चे को केयरर गोद ले लेते हैं लेकिन वह अपने परिवार के संपर्क में बना रहता है.

-Long-term foster care (6 months onwards):  ऐसा तब होता है जबकि बच्चा ना तो अपने परिवार के पास वापस जा सके और ना ही उसके किसी अभिभावक के पास छोड़ा जा सके.

पहला कदमः अर्जी

फॉस्टर केयरर बनने के लिए सबसे पहले आपको एक फॉस्टर केयर एजेंसी के पास अर्जी दाखिल करनी होती है. हर राज्य अपने यहां की एजेंसियों की लिस्ट जारी करता है.
Foster Care
Source: SBS

बैकग्राउंड चेक और ट्रेनिंग

अर्जी दाखिल करने के बाद ट्रेनिंग होती है. इस दौरान आपको जांचा-परखा जाता है. इसमें छह महीने तक का समय लग सकता है. एजेंसी आपके साथ फॉस्टर केयरर के लिए जरूरी हर पहलू पर बारीकी से काम करती है.

 

फॉस्टरिंग न्यू साउथ वेल्स की शैरन ब्रॉडी बताती हैं, "वे लोग आपके पास आएंगे, आपके घर को देखेंगे. सुनिश्चित करेंगे कि बच्चा वहां पूरी तरह सुरक्षित है. आपके दस्तावेज जांचेंगे और बैकग्राउंड चेक भी होगा."

एजेंसी से मदद

फॉस्टरिंग एजेंसी आपको एक केस वर्कर देगी और एक नंबर देगी जिस पर आप 24 घंटे में कभी भी फोन कर सकते हैं. बाद में आपको और ट्रेनिंग भी मिलेगी और फॉस्टर केयर से ब्रेक भी मिलेगा.

 

बच्चे की देखभाल के लिए जरूरी खर्च दिया जाता है. हालांकि कितना पैसा मिलेगा, यह बच्चे की उम्र, उसकी जरूरतों आदि पर निर्भर करता है.

बहुसांस्कृतिक फॉस्टर केयर

कुछ एजेंसियां बहुसांस्कृति फॉस्टर केयर में विशेषज्ञ होती हैं लेकिन सभी एजेंसियों का मकसद एक ही होता है कि बच्चे को ऐसे परिवार के पास भेजा जाए जो उसे सांस्कृतिक रूप से भी समर्थन दे सकें.

 

ऐसा होने पर बच्चे को वापस उसके परिवार के पास भेजना भी आसान हो जाता है.


Useful links

To find a foster agency in your state:

Multicultural foster care

Creating Links (New South Wales)


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4 min read

Published

Updated

By Audrey Bourget




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