सोमवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में शाहीन बाग में हो रहे विरोध प्रदर्शन पर तीखी टिप्पणियां कीं. उन्होंने कहा कि शाहीन बाग जैसे प्रदर्शन राष्ट्र के सौहार्द को खंडित करने का इरादा रखते हैं.
पूर्वी दिल्ली के सीबीडी ग्राउंड में एक रैली में भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा, "इसके पीछे राजनीति का एक ऐसा डिजाइन है जो राष्ट्र के सौहार्द को खंडित करने का इरादा रखता है. यह सिर्फ कानून का विरोध होता तो सरकार के आश्वसान के बाद खत्म हो जाना चाहिए था. आम आदमी पार्टी और कांग्रेस राजनीति का खेल खेल रहे हैं. संविधान और तिरंगे को सामने रखकर ज्ञान बांटा जा रहा है और असली साजिश से ध्यान हटाया जा रहा है."
नरेंद्र मोदी ने प्रदर्शनकारियों पर अदालतों की अनदेखी का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, "प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा पर न्यायपालिका ने अपनी नाराजगी जताई है लेकिन ये लोग अदालतों की परवाह नहीं करते. ये बातें करते हैं संविधान की. इस वजह से दिल्ली से नोएडा आने जाने वालों को कितनी दिक्कत हो रही है. दिल्ली वाले चुप हैं लेकिन ग़ुस्से में भी हैं. इस मानसिकता को यहीं रोकना जरूरी है. साजिश रचने वालों की ताकत बढ़ी तो कल किसी और सड़क और गली को रोका जाएगा."
शाहीन बाग में बड़ी संख्या में लोग भारत के नए नागरिकता कानून के विरोध के खिलाफ जुट रहे हैं. प्रदर्शनकारियों में ज्यादातर महिलाएं हैं जो सर्द रातों में भी विरोध के लिए जमी हुई हैं. यह प्रदर्शन करीब दो महीने से चल रहा है.
भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने लगातार इस प्रदर्शन के खिलाफ बयान दिए हैं जिनमें इसे भारत-विरोधी और मुसलमानों का प्रदर्शन साबित करने की कोशिश दिखाई देती है.
गृह मंत्री अमित शाह ने अपने एक भाषण में कहा था कि दिल्ली के लोगों को शाहीन बाग न होने देने के लिए वोट देना चाहिए. भारतीय जनता पार्टी के दो सांसदों प्रवेश वर्मा और अनुराग ठाकुर के बयानों पर कार्रवाई करते हुए चुनाव आयोग ने उन्हें पार्टी के स्टार प्रचारकों की सूची से हटाने का निर्देश दिया है. वर्मा ने कहा था कि दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी तो शाहीन बाग को एक घंटे में खाली करा लिया जाएगा.
प्रवेश वर्मा ने एक जनसभा में कहा था, "वहां (शाहीन बाग में) लाखों लोग जमा होते हैं. दिल्ली के लोगों को सोचना होगा और फैसला करना होगा. वे आपके घरों में घुसेंगे, आपकी बहन-बेटियों के साथ बलात्कार करेंगे, उन्हें कत्ल कर देंगे. आज ही वक्त है, कल मोदी जी और अमित शाह आपको बचाने नहीं आ पाएंगे."
बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव तरुण चुघ ने शाहीन बाग को लेकर कहा, "हम दिल्ली को सीरिया नहीं बनने देंगे और उन्हें मंजूरी नहीं देंगे कि यहां पर ISIS जैसा टेरर मॉड्यूल चलाएं, जिसमें महिलाओं और बच्चों का इस्तेमाल किया जा रहा हो."
हालांकि कुछ लोगों ने शाहीन बाग के विरोध प्रदर्शन को खत्म करने की मांग को लेकर समानांतर विरोध भी किया है. रविवार को ये प्रदर्शनकारी 'शाहीन बाग खाली करो' और 'जय श्री राम के नारे लगाते हुए' वहां पहुंचे थे.
शनिवार को एक युवक ने शाहीन बाग प्रदर्शन के करीब दो गोलियां भी चलाई थीं.
दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी इस प्रदर्शन को लेकर असमंजस की स्थिति में दिखाई देती है. वहां के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि केंद्र सरकार को प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत करके समाधान निकालना चाहिए. हालांकि केजरीवाल ने प्रदर्शनकारियों के प्रति समर्थन जाहिर नहीं किया है.
दिल्ली में 5-6 सीटें ऐसी हैं जहां अल्पसंख्यक मतदाता नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं.
