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Settlement Guide: आदिवासियों के लिए एनजैक डे के मायने

इस हफ्ते एनजैक डे है. इस मौके पर सेटलमेंट गाइड में आपको हम बता रहे हैं उन आदिवासी सैनिकों के बारे में जो पहले विश्वयुद्ध में ऑस्ट्रेलिया की ओर से लड़े थे.

Anzac Day
Source: Getty Images AsiaPac

2 min read

Published

By Amy Chien-Yu Wang



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अगस्त 1914 में पहला विश्व युद्ध शुरू हुआ.

धुरी शक्तियों यानी जर्मनी, हंगरी, बुल्गारिया और ऑटोमन साम्राज्य के खिलाफ लड़ाई में ऑस्ट्रेलिया को ब्रिटेन का साथ देना था. ऑस्ट्रेलिया के पास कुल चार लाख 20 हजार सैनिक थे. इनमें एक हजार से ज्यादा एबॉरिजनल और टॉरेस स्ट्रेट आईलैंडर थे जो सेना में भर्ती हुए थे. ये सैनिक एकदम अलग-अलग संस्कृतियों से आए थे.

एबॉरिजनल ऐंड टॉरेस स्ट्रेट आईलैंडर वेटेरन्स ऐंड सर्विसेज असोसिएशन के अध्यक्ष गैरी ओकली कहते हैं कि बहुत से आदिवासी खुद आगे आकर सेना में भर्ती हुए थे. ओकली के मुताबिक इन आदिवासियों के सेना में भर्ती होने की अलग-अलग वजह थीं. इनमें तन्ख्वाह भी एक वजह थी. लेकिन वह मानते हैं कि यह पहली बार था जब इंडिजनस ऑस्ट्रेलियंस को समानता की निगाहों से देखा गया.

लोगों की मौतों के मामले में पहला विश्व युद्ध ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे महंगा युद्ध रहा है. 60 हजार से ज्यादा जानें गईं. एक लाख 56 हजार सैनिक या तो घायल हुए या कैद कर लिये गए अथवा मारे गए.

एनजैक डे का हर व्यक्ति के लिए अलग अर्थ है. लेकिन गैरी ओकली कहते हैं कि इंडिजनस ऑस्ट्रेलियाइयों के लिए 25 अप्रैल का मतलब है वह दिन जब उन्हें एक पहचान मिली.

एनजैक डे के बारे में और जानकारी के लिए देखिए ऑस्ट्रेलियाई वॉर मेमॉरियल की वेबसाइट https://www.awm.gov.au


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