वेलफेयर पेमेंट्स के लिए अब माइग्रैंट्स को ज्यादा इंतजार करना होगा

फेडरल ट्रेजरर स्कॉट मॉरिसन ने साल के मध्य में आर्थिक स्थिति का एक जायजा पेश किया है और इस दौरान ऐलान किया है कि वेलफेयर पेमेंट्स और यूनिवर्सिटी फंडिंग में बड़े बदलाव होंगे.

Centrelink stock in Salisbury, north of Adelaide.

Crossbench senators urged to block drug testing of jobless Australians when welfare bill lands. (AAP) Source: AAP

अगले साल जुलाई के बाद जो माइग्रैंट्स ऑस्ट्रेलिया आएंगे, उन्हें वेलफेयर पेमेंट्स का हकदार होने के लिए अब तीन साल तक इंतजार करना होगा. अब तक यह अवधि दो साल की थी.

सरकार का अनुमान है कि इस कदम से वह अगले चार साल में 1.3 अरब डॉलर की बचत कर लेगी.

जिन पेमेंट्स के लिए इंतजार की अवधि बढ़ाई गई है उनमें मातृत्व अथवा पितृत्व अवकाश, केयरर अलाउंस और फैमिली टैक्स बेनेफिट शामिल हैं.

इसके अलावा जो लोग अपने रिश्तेदारों को फैमिली वीसा पर ऑस्ट्रेलिया लाएंगे उन्हें गारंटी देनी होगी कि वे अपने रिश्तेदारों का खर्च तीन साल के लिए उठा सकते हैं.

हालांकि इस नियम के कुछ अपवाद भी होंगे. विशेष परिस्थितियों में आने वाले लोगों को या फिर न्यूजीलैंड से आने वाले कुछ लोगों को राहत दी जाएगी.

इन बदलावों का ऐलान करते हुए ट्रेजरर स्कॉट मॉरिसन ने कहा, "कर्ज के बोझ को उतारने में वक्त तो लगना ही था लेकिन हम लगातार उस ओर बढ़ रहे हैं."

संस्था डेलॉयट के अर्थशास्त्री क्रिस रिचर्डसन ने कहा कि ये बदलाव आप्रवासियों के लिए मुश्किल साबित होंगे लेकिन सरकार के लिए ये कदम आसान होते हैं क्योंकि इनके लिए संसद से बिल पास नहीं कराना पड़ता.

शैडो ट्रेजरर क्रिस बोवेन ने कहा कि जो लोग यह बोझ नहीं उठा सकते, उनके लिए परेशानी का सबब है. बोवेन ने कहा, "हमें फख्र होना चाहिए कि हमारे मतदाता बहुसांस्कृति समुदाय से आते हैं."

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By James Elton-Pym



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