अमेठी की एक शिक्षिका ममता सिंह ने अपने घर पर एक लाइब्रेरी स्थापित की है जो लोगों के लिए 24 घंटे खुली रहती है और यह पूरी तरह निशुल्क है। यहाँ से सब्ज़ी वाले, इलेक्ट्रीशियन, प्लम्बर और अन्य कार्य करने वाले सब लोग किताबें ले जाते हैं। आज ममता सिंह की ये लाइब्रेरी पूरे क्षेत्र की पहचान बन चुकी हैं। अमेठी पोस्ट ऑफिस में जब कोई भारी पार्सल आता है, तो पोस्टमैन समझ जाता है कि ये उसी गाँव की लाइब्रेरी की किताबें होंगी। इस लाइब्रेरी में विदेशों से भी किताबें भेजी गयी हैं।
अमेठी की एक शिक्षिका ममता सिंह ने अपने घर पर एक लाइब्रेरी स्थापित की है जो लोगों के लिए 24 घंटे खुली रहती है और यह पूरी तरह निशुल्क है। यहाँ से सब्ज़ी वाले, इलेक्ट्रीशियन, प्लम्बर और अन्य कार्य करने वाले सब लोग किताबें ले जाते हैं। आज ममता सिंह की ये लाइब्रेरी पूरे क्षेत्र की पहचान बन चुकी हैं। अमेठी पोस्ट ऑफिस में जब कोई भारी पार्सल आता है, तो पोस्टमैन समझ जाता है कि ये उसी गाँव की लाइब्रेरी की किताबें होंगी। इस लाइब्रेरी में विदेशों से भी किताबें भेजी गयी हैं।
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