बढ़ती मुद्रा दर से कैसे प्रभावित होगा आगामी फ़ेडरल बजट?

फ़ेडरल कोषाध्यक्ष जिम चामर्स का कहना है कि सरकार खर्च काम करने को लेकर गंभीर है। Source: AAP / AAP (LUKAS COACH)
रिज़र्व बैंक ने एक बार फिर मुद्रा दर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी कर संकेत दिया है कि महंगाई अब भी काबू में नहीं है। कोषाध्यक्ष जिम चामर्स ने वादा किया है कि आगामी फ़ेडरल बजट में कॉस्ट ऑफ़ लिविंग दबाव की आपदा से निपटने के उपाय दिए जाएंगे, लेकिन बिना महंगाई दर को बढ़ाते हुए। यह देखना रोचक होगा कि सरकार अपने इस वादे को किस तरह निभाती है, खासकर तब जब विपक्ष और विशेषज्ञ दोनों ही सरकार से अलग-अलग उपायों की मांग कर रहे हैं।
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