एन्ज़ेक डे के दिन, देश भर में ऑस्ट्रेलियाई लोग उन लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं जिन्होंने ऑस्ट्रेलियाई और नई ज़ीलैण्ड सैन्य बालों में सेवा की, लाडे और शहीद हुए। समय के साथ, इस दिन की महत्ता उन लोगों के लिए मानी जाने लगी है जो युद्ध में दुसरे पक्ष की ओर से थे।
यह इस कविता का हिंदी अनुवाद है:
वे कभी बूढ़े नहीं होंगे
जैसे पीछे रह जाने वाले हम
बूढ़े हो रहे हैं;
उम्र उन्हें थकायेगी नहीं
न ही साल सुनाएंगे कोई सज़ा।
सूरज के उफ़क के पीछे जाते वक़्त और फिर सवेरे
हम उन्हें याद करेंगे।

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