हिंदी: द ओड टू रिमेम्बरेंस

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An Australian Light Horseman collecting poppies in Palestine during the First World War. Credit: Australian War Memorial P0361.046

ओड टू रिमेम्बरेंस वो कविता है जो युद्ध में किये गए बलिदानों को श्रद्धांजलि देने के लिए एन्ज़ेक डे सेवाओं में पढ़ी-सुनाई जाती है। ऑस्ट्रेलियन वॉर मेमोरियल के साथ एक साझा प्रयास में एसबीएस आपके लिए ओड टू रिमेम्बरेंस 45 भाषाओं में प्रस्तुत कर रहा है। यह इस कविता का हिंदी अनुवाद है।


एन्ज़ेक डे के दिन, देश भर में ऑस्ट्रेलियाई लोग उन लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं जिन्होंने ऑस्ट्रेलियाई और नई ज़ीलैण्ड सैन्य बालों में सेवा की, लाडे और शहीद हुए। समय के साथ, इस दिन की महत्ता उन लोगों के लिए मानी जाने लगी है जो युद्ध में दुसरे पक्ष की ओर से थे।

यह इस कविता का हिंदी अनुवाद है:

वे कभी बूढ़े नहीं होंगे

जैसे पीछे रह जाने वाले हम

बूढ़े हो रहे हैं;

उम्र उन्हें थकायेगी नहीं

न ही साल सुनाएंगे कोई सज़ा।

सूरज के उफ़क के पीछे जाते वक़्त और फिर सवेरे

हम उन्हें याद करेंगे।

Roll of Honour Australian War Memorial
Roll of Honour Australian War Memorial Credit: Fiona Silsby for AWM 2016.8.157.4

ऑस्ट्रेलिया में एन्ज़ेक डे परम्पराओं पर अधिक जानकारी के लिए जाएं ऑस्ट्रेलियन वॉर मेमोरियल पेज पर


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