साल 2019 ऑस्ट्रेलिया में कुछ महत्वपूर्ण कारणों से बहुत अच्छा साल नहीं रहा. जिनमें आर्थिक कारण, कई राज्यों में पड़ा सूखा और फिर साल के अंत के कुछ महीनों से लगातार जारी आग बड़ी वजहें हैं.
अब ब्यूरो ऑफ मैट्रोलॉजी के मुताबिक पिछला साल यानी साल 2019 ऑस्ट्रेलिया के इतिहास में सबसे सूखा साल दर्ज किया गया है. ब्यूरो के वार्षिक जलवायु रिपोर्ट में बीओएम वर्तमान में बुश फायर की स्थिति को रिकॉर्ड निचले स्तर की बारिश से जोड़ता है जिससे तापमान के बढ़ने का कारण भी बताता है. ऑस्ट्रेलिया भयानक बुश फायर की परिस्थितियों का सामना कर रहा है. ख़ास तौर पर न्यू साउथ वेल्स, विक्टोरिया और साउथ ऑस्ट्रेलिया में में भीषण आग की लपटें ऊंची होती जा रही हैं.
साल 2019 के वार्षिक जलवायु विवरण में बी ओ एम ने खुलासा किया है कि करीब 2 साल पहले ही इस बात के साफ सबूत मिल रहे थे कि ऑस्ट्रेलिया अभूतपूर्व बुशफायर की परिस्थितियों से गुज़र सकता है. बी ओ एम में जलवायु निगरानी विभाग के प्रमुख डॉक्टर कार्ल ब्रिगेंज़ा कहते हैं कि सभी लक्षण भयानक आग के सीज़न की ओर इशारा कर रहे थे.
बीओएम के मुताबिक साल 2019 आस्ट्रेलिया के इतिहास में सबसे गर्म और सूखा साल रहा है. तापमान की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया का औसत तापमान इस साल सामान्य से 1.52 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा. जबकि देश भर में औसत बारिश केवल 277 मिलीमीटर थी जो इतिहास में सबसे कम है. डॉक्टर ब्रिगैंज़ा कहते हैं कि दिन के समय का तापमान एक चिंताजनक तस्वीर पेश करता है.
नेशनल फार्मर्स फैडरेशन्स (एन एफ एफ) ने कहा है कि रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ती गर्मी किसानों की आजीविका को बुरी तरह प्रभावित कर रही है. एन एफ एफ में ट्रेड और इकोनॉमिक्स के जनरल मैनेजर प्रू गॉर्डन कहते हैं कि किसान इस स्थिति से सामन्जस्य नहीं बैठा पा रहे हैं.
पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया और नॉर्दर्न टेरीटरी को भी बदलते मौसम की वजह से चक्रवाती तूफान झेलने पड़ रहे हैं. ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी के फेनर स्कूल ऑफ इनवायरमेंट एंड सोसाइटी से प्रोफेसर विल स्टीफेन कहते हैं सूखे और आग की स्थिति को हल करना ही पर्याप्त नहीं होगा. हालांकि नए साल की अभी शुरूआत है. लेकिन डॉक्टर ब्रिगेंज़ा को उम्मीद है कि मौसम की स्थिति सुधरेगी. वो संकेत देते हैं कि गर्म होती जलवायु और ऑस्ट्रेलिया में साल दर साल लगने वाली आग के बीच लिंक का विज्ञान एकदम साफ है.
क्लामेट जस्टिस ग्रुप से जुड़े विश्वविद्यालों के छात्र शुक्रवार को प्रदर्शन करने जा रहे हैं. इस मांग के साथ कि जब देश गंभीर आग से जूझ रहा है तो सरकार को जलवायु परिवर्तन को लेकर और अधिक सकारात्मक कदम उठाने चाहिए.




