पायल काकड़िया करीब 20 साल पहले शादी के बाद भारत के चंडीगढ़ शहर से ऑस्ट्रेलिया आई थीं। उनके पति ऑस्ट्रेलिया में ही रहते थे। एक लेखक होने के साथ-साथ वह तीन बच्चों की मां की ज़िम्मेदारी भी निभाती हैं और उनके नजदीक़ी लोग उन्हें एक 'इंट्यूटिव हीलर' के तौर पर भी जानते हैं।
मुख्य बातें:
- 'Intuitive- Knowing Her Truth' नाम की एक किताब में 28 महिलाओं ने अपनी कहानी कही है, जहां उन्होंने बताया है कि कैसे अपनी अंतर-आत्मा की आवाज़ सुनकर वे मुश्किलों से बाहर निकली हैं।
- इस किताब की लेखिकाओं में से एक हैं भारतीय मूल की पायल काकड़िया।
- पायल कहती हैं कि कुछ लिखने के लिए आपको ये सोचना छोड़ देना चाहिए कि लोग क्या कहेंगे।
पायल कहती हैं कि उनका झुकाव लेखन के प्रति हमेशा रहा है लेकिन ज़िंदगी की जद्दोजहद में बहुत मौके नहीं मिल पाए।
ऑस्ट्रेलिया में अपने सफ़र के बारे में वह कहती हैं,"ऑस्ट्रेलिया में अभी तक का सफ़र अच्छा ही रहा है। हमारा ज्यादा परिवार भारत में ही रहता है। यहां पर जो कुछ भी किया खुद ही किया, जिस उम्र में जितनी समझ थी उसके हिसाब से किया लेकिन एक चीज़ का साथ नहीं छोड़ा वो है खुद पर विश्वास।"

'Intuitive- Knowing Her Truth' किताब में एक लेखिका के तौर पर मौका मिलने को भी वे एक "इन्ट्यूशन' ही मानती हैं।
वह कहती हैं, "मैंने प्रकाशक से संपर्क किया और जब उन्होंने मेरी कहानी सुनी तब तक 27 महिला लेखकों का चयन हो चुका था। प्रकाशक ने नई कहानी लेनी बंद कर दी थी लेकिन मेरी कहानी पढ़ने के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का 'इन्ट्यूशन' हो रहा था कि इस किताब में 28 लेखक हैं।"
हालांकि पायल इस बात का खुलासा तो नहीं करना चाहती कि उनकी या इस किताब में शामिल दूसरी लेखिकाओं की कहानियां क्या-क्या हैं लेकिन वह कहती हैं कि इस किताब में उन महिलाओं के कुछ ऐसे अनुभव हैं जब उन्होंने ज़िंदगी में खुद को अंधेरे में पाया और उस स्थिति से निकलने में उन्होंने कई कोशिशें की, लेकिन उन्हें तभी सफलता मिल पायी जबकि उन्होंने खुद पर और कही ना कहीं अपनी अंतर-आत्मा की आवाज़ पर भरोसा किया।

इस किताब के प्रकाशन से पहले एक लेखक के तौर पर पायल के पास बहुत अनुभव नहीं था, लेकिन वह कहती हैं कि उनका रुझान हमेशा से लेखन की ओर रहा है। जब उनके पास Intuitive- Knowing Her Truth में लिखने का मौका आया तब वे अपनी एक किताब पर काम कर रही थीं, जो कि जल्द ही पाठकों के बीच होगी।
पायल अपने लेखन को जारी रखना चाहती हैं। वह उन लोगों को भी एक संदेश देना चाहती हैं जो लिखना चाहते हैं, लेकिन उनके अंदर एक हिचक है।
पायल कहती हैं कि, "बस ये सोचना छोड़ दीजिए कि लोग क्या कहेंगे।"
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