लोकगीतों में लोकजीवन की वास्तविक भावनायें होती हैं। यह साहित्यिक काव्य नियमों में भले ही न आतें हो लेकिन इनका मूल स्रोत मानवीय संवेदना ही है। ये जनसाधारण के हृदय से निकले वह सरल एवं सहज भाव होते हैं जो वास्तविक और व्यवहारिक जीवन से जुड़े हुए होते हैं। भारत में पद्मश्री से सम्मानित गायिका मालिनी अवस्थी अपने लोक गीतों से देश – विदेश में प्रसिद्ध हैl 'छट पूजा' पर्व के अवसर पर मेलबर्न यात्रा के दौरान, एसबीएस हिन्दी के साथ बातचीत में उन्होंने लोक गीतों के महत्व और कुछ गुनगुनाते हुये, उस लोक गीत के बारे में बताया जिसने उनके सोचने और गायन की दिशा बदल दी।
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