भारत की मेहमाननवाज़ी और उदारता को तो दुनिया मानती है लेकिन उदारता की एक बेमिसाल मिसाल किसी ने नहीं जानी होगी और न ही उसे इतिहास के पन्नों में एक पंक्ति ही मिली। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नवानगर के महाराजा जाम साहब दिग्विजय सिंह जी ने पोलैंड के १,००० अनाथ बच्चों को अपने यहाँ शरण दी थी। जाम साहब की बेटी हर्षद कुमारी ने एक एक्सक्लूसिव भेंटवार्ता में इस सन्दर्भ में बातचीत की कुमुद मिरानी के साथ।
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