न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के बीच खेले गये फाइनल में दोनों टीमों ने एक समान 241 रन बनाये जिसके बाद सुपर ओवर किया गया। सुपर ओवर में भी दोनों टीमों ने 15-15 रन बनाये और मैच टाई रहा, इसके बाद ज्यादा बाउंड्री लगाने के कारण इंग्लैंड को विजेता घोषित किया गया।
इस विवादित नियम के कारण आईसीसी को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। आईसीसी ने अब नियमों में बदलाव किया है जिसके मुताबिक अगर सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले में सुपर ओवर में भी दोनों टीमें बराबर रन बनाती है तो फिर से सुपर ओवर होगा। सुपर ओवर तब तक होगा जब तक कोई एक टीम विजेता नहीं बन जाती.
आईसीसी की बोर्ड की बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया, ‘आईसीसी क्रिकेट समिति, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईसी) की समिति की सिफारिश के बाद यह सहमति बनीं की सुपर ओवर का उपयोग आईसीसी के मैचों में जारी रहेगा और इसे तब तक किया जाएगा जब तक टूर्नामेंट का परिणाम स्पष्ट तरीके से नहीं निकल जाए। खेल को रोमांचक और आकर्षक बनाने के लिए एकदिवसीय और टी20 विश्व कप के सभी मैचों में इसका इस्तेमाल किया जाएगा।’
इन बदले नियमों के मुताबिक अगर सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले में सुपर ओवर में भी दोनों टीमें बराबर रन बनाती है तो फिर से सुपर ओवर होगा। सुपर ओवर तब तक होगा जब तक कोई एक टीम विजेता नहीं बन जाती.
नई दिल्ली स्थित क्रिकेट कमेंट्रेटर अनुराग पुनेठा कहते है कि इस नियम के कारण आईसीसी की साख दांव पर थी।
“ग्रुप स्तर पर अगर सुपर ओवर के बाद भी मैच टाई रहता है तो उसे टाई माना जाएगा लेकिन सेमीफाइनल और फाइनल में सुपर ओवर तब तक कराया जाएगा जब तक एक टीम ज्यादा रन नहीं बना लेती।”
दूसरी तरफ भारतीय क्रिकेट को आक्रामक सोच देने वाले पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के नए सफर की शुरुआत हो गई है। बीसीसीआई अध्यक्ष पद के लिए हो रहे चुनाव में सोमवार दोपहर के निर्धारित समय तक किसी दूसरे ने नामांकन दाखिल नहीं किया, जिसके साथ ही सौरव गांगुली का अध्यक्ष पद पर बैठना औपचारिकता भर रह गया।
हालांकि पहले बीसीसीआई अध्यक्ष पद की होड़ में पूर्व क्रिकेटर बृजेश पटेल का नाम सबसे आगे चल रहा था, लेकिन अचानक ही गांगुली ने उन्हें पीछे छोड़ दिया और बीसीसीआई के इस सबसे ताकतवर पद पर काबिज हो गए।
अनुराग पुनेठा कहते हैं सौरव गांगुली अध्यक्ष बनना अच्छा है लेकिन वे सिर्फ ९ महीने ही इस पद पर रहेंगे।
“मौजूदा समय में बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष सौरव गांगुली जुलाई 2020 तक बीसीसीआई के अध्यक्ष बने रहेंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि छह साल का उनका प्रशासनिक कार्यकाल जुलाई 2020 में पूरा हो रहा है। वह 2014 में बंगाल क्रिकेट संघ के संयुक्त सचिव बने थे। ऐसे में 47 वर्षीय गांगुली जुलाई 2020 में कैब पदाधिकारी के तौर पर छह साल पूरे कर लेंगे, जिसके बाद कूलिंग ऑफ पीरियड शुरू हो जाएगा।”
कूलिंग ऑफ पीरियड तीन साल का होता है, इस अवधि में वे किसी पद पर नहीं रह सकते।




