बात हो अमरुद की और अलाहबाद का ज़िक्र न आये , ऐसा हो ही नहीं सकता। दरअसल अमरुद की ६५ प्रजातियां हैं और उनमें सबसे लज़ीज़ अमरुद होते हैं लाल बुरदे वाले अलाहबाद के अमरुद। ये बादशाह अकबर को भी बेहद पसंद थे और उन्होंने इनके बाग़ों को बढ़ावा दिया। वरिष्ठ पत्रकार और उत्तर प्रदेश के इतिहास के जानकार अंशुमान शुक्ल दे रहे हैं इस फल की विशेष जानकारी।
बात हो अमरुद की और अलाहबाद का ज़िक्र न आये , ऐसा हो ही नहीं सकता। दरअसल अमरुद की ६५ प्रजातियां हैं और उनमें सबसे लज़ीज़ अमरुद होते हैं लाल बुरदे वाले अलाहबाद के अमरुद। ये बादशाह अकबर को भी बेहद पसंद थे और उन्होंने इनके बाग़ों को बढ़ावा दिया। वरिष्ठ पत्रकार और उत्तर प्रदेश के इतिहास के जानकार अंशुमान शुक्ल दे रहे हैं इस फल की विशेष जानकारी।