भारत में कोरोना महामारी पर नियंत्रण पाना बेहद मुश्किल लग रहा है और ऐसे में हालात हर दिन के साथ बिगड़ते जा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से नए कोरोना मामलों में थोड़ी कमी ज़रूर देखी गई है लेकिन अभी भी स्थिति राहत भरी नहीं है। इन बिगड़ते हालातों में न सिर्फ इंसान बल्कि जानवरों का भी बुरा हाल है। भारत के जिन हिस्सों में कोरोना संक्रमण सबसे अधिक है वहां के जानवर भूख और प्यास जूझ रहे हैं।

मुख्य बातें :
भारत में कोरोना के प्रकोप का जानवरों पर भी पड़ रहा है असर।
कोरोना के चलते जानवर भी भूख प्यास से परेशान।
कई समाजसेवी और संस्था कर रही हैं जानवरों की सहायता।
बेज़ुबान जानवरों की तकलीफ को समझते हुए कई लोग और संस्थाएँ अब आगे आ रही हैं और जानवरों की मदद के लिए तरह तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। ओडिशा सरकार ने सड़कों पर रहने वाले जानवरों के खाने के लिए एक फण्ड का प्रावधान किया है, तो वहीं लख़नऊ से लेकर नौएडा तक पशु प्रेमी जानवरों के खाने पीने का इंतज़ाम कर रहे हैं।

कुछ ऐसी ही कोशिश की है नौएडा निवासी रुप्षा मुख़र्जी ने, जो पीपल फॉर एनिमल नाम की संस्था के लिए काम करती हैं। रुप्षा इस महामारी के बीच जानवरों के लिए लगातार खाने पीने का इंतज़ाम कर रही हैं। इसी तरह कामना पाण्डेय जो एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ़ इंडिया की पूर्व सदस्य हैं, वह भी पशु पक्षियों के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं। नौएडा में एक बोर्डिंग हाउस भी शुरू किया गया है। कोरोना के चलते बहुत लोगों ने अपने करीबियों को खो दिया है और ऐसे में अपने पशुओ की देखभाल करना आसान नहीं।



