Dedicated workers of Vigyanvahini Source: Vigyanvahini supplied
अपने लिए जीये तो क्या जीये ? ऐसा ही उद्देश्य है विज्ञानवाहिनी मोहीम का। भारत में अवकाश प्राप्त लोगों का एक दल एक बस में लगाई विज्ञानं प्रयोगशाला के ज़रिये ३ लाख से अधिक किलोमीटर का फासला तय कर चूका है बच्चों को विज्ञानं का ज्ञान बाँटने के लिए। इस अद्भुत और सराहनीय अभियान के बारे में कुमुद मिरानी को जानकारी दे रहे हैं विज्ञानवाहिनी के सचिव शरद गोडसे।
अपने लिए जीये तो क्या जीये ? ऐसा ही उद्देश्य है विज्ञानवाहिनी मोहीम का। भारत में अवकाश प्राप्त लोगों का एक दल एक बस में लगाई विज्ञानं प्रयोगशाला के ज़रिये ३ लाख से अधिक किलोमीटर का फासला तय कर चूका है बच्चों को विज्ञानं का ज्ञान बाँटने के लिए। इस अद्भुत और सराहनीय अभियान के बारे में कुमुद मिरानी को जानकारी दे रहे हैं विज्ञानवाहिनी के सचिव शरद गोडसे।