अतिजीवन फाउंडेशन, एसिड अटैक पीड़ितों के पुनः वसन में हर कदम पर उनका साथ देता है। इस घटना के बाद लबि चलने वाली क़ानूनी जंग और सामाजिक जंग में कैसे हौसला रखे , कैसे अपने कैशल्य को पहचाने और कैसे फिर से नई शुरुआत करे उसके लिए पीड़ितों की मदद करता है. संस्था की स्थापक श्रीमती प्रज्ञा खुद एक एसिड अटैक पीड़ित है और बखूबी इस परिस्थिति को समझती है। हरिता मेहता की श्रीमती प्रज्ञा के साथ विशेष भेंटवार्ता
अतिजीवन फाउंडेशन, एसिड अटैक पीड़ितों के पुनः वसन में हर कदम पर उनका साथ देता है। इस घटना के बाद लबि चलने वाली क़ानूनी जंग और सामाजिक जंग में कैसे हौसला रखे , कैसे अपने कैशल्य को पहचाने और कैसे फिर से नई शुरुआत करे उसके लिए पीड़ितों की मदद करता है. संस्था की स्थापक श्रीमती प्रज्ञा खुद एक एसिड अटैक पीड़ित है और बखूबी इस परिस्थिति को समझती है। हरिता मेहता की श्रीमती प्रज्ञा के साथ विशेष भेंटवार्ता