कई महीनों से पूरा विश्व स्पैनिश फ्लू के बाद से अब तक के सबसे विनाशकारी वायरस से लड़ने के लिए एक हथियार का इंतज़ार कर रहा है. अब ऑस्ट्रेलिया की सरकार भी कई उन देशों के साथ शामिल हो गई है जो मानते हैं कि ये हथियार बस बन ही गया है.
ऑस्ट्रेलिया ने ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी के संभावित कोविड-19 टीके को पाने के लिए एक ब्रिटिश फार्मा कंपनी 'एस्ट्राजेनेका' के साथ करार किया है. जाहिर है इस वैक्सीन को पाने से पहले इसका अंतिम परीक्षणों में सफल होना, सुरक्षित होना और असरकारक होना ज़रूरी है.
मुख्य बातें
- प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरीसन ने कहा है कि ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा बनाए जा रहे टीके को ऑस्ट्रेलियाई लोगों के लिए उपलब्ध कराने के मकसद से एक ब्रिटिश दवा कंपनी एस्ट्राजेनेका के साथ करार किया गया है.
- प्रधानमंत्री ने कहा कि ये टीका अगर सफल रहता है तो इसे ऑस्ट्रेलियाई लोगों को मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा.
- विपक्ष का कहना है कि ये करार अभी प्राथमिक दौर में है.
प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरीसन ने कहा है कि हालांकि इसे अभी तक दुनिया में सबसे उन्नत तरीके से बन रही वैक्सीन कहा जा सकता है. लेकिन कोई भी अभी इसके सफल होने की गारंटी नहीं दे सकता.
उन्होंने सेवन नेटवर्क को बताया कि यदि ये टीका सफल हो जाता है तो सरकार जल्द इसका निर्माण शुरू कर देगी और इसे सभी ऑस्ट्रेलिया लोगों के लिए मुफ्त किया जाएगा.
उन्होंने कहा,"इस टीके के बनने में अभी भी कुछ काम किया जाना बाकी है. लेकिन मैं इसके बारे में आश्वस्त हूं. इस टीके को उत्पादन के लिए तैयार होने में कुछ महीनों का वक्त लग सकता है."

उधर ऑस्ट्रेलिया की विपक्षी लेबर पार्टी ने सरकार के इस दावे पर सवाल उठाया है कि सरकार ने "एस्ट्राजेनेका' के साथ कोई करार किया है.
विपक्ष ने सवाल उठाया है कि क्या प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया के लिए कोविड 19 के टीके सुरक्षित करने के लिए ब्रिटेन की एक दवा कंपनी के साथ करार पर हस्ताक्षर किए हैं.
लेबर पार्टी के नेता क्रिस बोवेन ने कहा कि लेटर ऑफ इंटेंट यानी आशय पत्र एक पहला और अच्छा कदम है लेकिन एस्ट्राजेनेका कंपनी ने कहा है कि औपचारिक तौर पर कोई समझौता नहीं हुआ है.
उधर सरकार ने साफ किया है करार के अंतिम मसौदे में टीके का वितरण और इसका मूल्य भी शामिल होंगे.
ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी की इस वैक्सीन के व्यवसायिक तौर पर उपलब्ध होने की सबसे अधिक संभावना है.
यूरोपीय कमीशन ने भी इस संभावित टीके की 300 मिलियन खुराक को सुरक्षित करने के लिए इसकी निर्माता कंपनी 'एस्ट्राजेनेका' के साथ करार किया है.
कमीशन के प्रवक्ता विवियन लूनेला ने बताया कि इस सौदे में ये सुनिश्चित किया गया है कि ग़रीब देशों को भी वैक्सीन कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा.
हालांकि ऑक्सफर्ड की इस वैक्सीन को कई जगहों से प्रतिस्पर्धा मिल रही है.
रूस ने पहले ही घोषणा कर दी है कि उसने विश्व की पहली कोविड वैक्सीन तैयार कर ली है. इसका नाम स्पूतनिक 5 रखा गया है लेकिन सरकार ने माना है कि उन्होंने ये घोषणा स्टेज 3 के सामूहिक परीक्षण से पहले की है.
इस घोषणा के बाद चिकित्सकीय विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है और सरकारों से टीके के निर्माण में तेज़ी के ऊपर सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आह्वान किया है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुनिया के देशों को याद दिलाया है कि कोविड-19 एक वैश्विक महामारी है और प्रार्थना की है कि किसी भी प्रकार की नई खोज को साझा किया जाए ताकि विश्व से इस महामारी को हटाने में मदद मिल सके.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेडरॉस गेब्रिएसॉस ने कहा कि एक सफल टीके की खोज की जानी ज़रूरी है, उन्होंने कहा कि टीके की आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए किसी भी देश को केवल अपने हितों को आगे नहीं रखना चाहिए.
हालांकि प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरीसन ने कहा है कि उनकी सरकार ये सुनिश्चित करेगी कि कोई भी सफल टीका ऑस्ट्रेलिया के पड़ोसी देशों और देश के दक्षिण-पूर्व एशियाई भागीदारों को उपलब्ध हो सके.
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ऑस्ट्रेलिया में लोगों को आवश्यक तौर पर एक दूसरे से 1.5 मीटर की दूरी बनाए रखनी चाहिए.
लोगों के एक जगह पर एकत्र होने की सीमा के लिए अपने राज्य के प्रतिबंधों को देखें.
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