बेंगलुरु में स्थित 'मिट्टी कैफे' ने बड़े स्तर पर दिव्यांगजनों को रोजगार देके, उन्हें जीने की एक नई दिशा दिखाई है। इस पहल से इन लोगों के आत्मविश्वास को बढ़ावा भी मिला है। मिट्टी कैफे पर काम करने वाले अधिकांश कर्मचारी किसी न किसी रूप में दिव्यांग है मगर वह सब मिल कर इस रेस्टोरेंट की चेन को सफलतापूर्वक चला रहे हैं। साल 2017 में शुरू हुई मिट्टी कैफे चैन के आज लगभग 17 आउटलेट्स है।
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