यह कहानी सुनकर, आप भी करेंगे इस लड़की के जज़्बे को सलाम

Shatabadi book store

Source: Supplied by Shatabadi

वक़्त के साथ और इंटरनेट के आने के बाद, भारत में किताबों के प्रति लोगों का रुझान कम हुआ है। लेकिन किताबों के महत्व को समझते हुए ओड़िशा की रहने वाली शताब्दी लोगों में किताबों के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए एक मुहीम चला रही हैं।


कहते हैं कि किताबों से अच्छा कोई दोस्त नहीं होता लेकिन तकनीक के विकसित होने के बाद से लोगों ने किताबों से दूरी बना ली है। यह एक ऐसा तथ्य है जिसको झुटलाया नहीं जा सकता और यह एक चिंताजनक बात भी है। ओड़िशा की रहने वाली शताब्दी ने लोगों को एक बार फिर किताबों से जोड़ने के लिए एक नायब पहली की है।


 मुख्य बातें :

  • किताबों के प्रति जागरुकता फैलाने की एक अनोखी पहल।
  • ट्रक पर बुक स्टोर बनाकर किया 35 हज़ार किलोमीटर से ज्यादा का सफर।
  • कई चुनौतियों के होते हुए भी नहीं रुकी शताब्दी की मुहीम।

शताब्दी ने अपने दोस्त अक्षय के साथ मिलकर एक छोटा ट्रक लिया और उसको बुक स्टोर बना डाला। अब वह गांव- गांव, शहर- शहर अपने ट्रक पर किताबों को लेकर यात्रा करती हैं जिसका उद्देश्य है लोगों में किताबों के प्रति जागरुकता लाना। आपको जान कर हैरानी होगी कि बीते कुछ सालो में शताब्दी अपने छोटे से ट्रक से 35 हज़ार किलोमीटर से ज्यादा की यात्रा कर चुकी हैं।
Shatabadi book store
Source: supplied by Shatabadi
इस मुहीम को वो कितने जज़्बे से चला रहीं हैं इस बात का अंदाजा आपको यह जान कर हो जाएगा कि ट्रक लेने से पहले वह पैदल अपने बस्ते में किताबें लेकर जाती थी। अपने इस लम्बे सफर में शताब्दी ने अनेक गाँव, कस्बों और शहरों का रास्ता तय किया।यह ज़रूरी नहीं कि आप शताब्दी के मोबाइल बुक स्टोर से किताबें खरीदें अगर आपके शहर या गाँव में उनका मोबाइल बुक स्टोर आ गया है तो आप सिर्फ किताबें पढ़ भी सकते हैं।
Shatabadi book store
Source: supplied by Shatabadi
इसमें कोई शक नहीं कि शताब्दी का मिशन अभूतपूर्व हैं और इस सफर में उन्होंने कई चुनौतियों का सामना किया है। लेकिन उसके बावजूद वो लगातार यात्रा कर रहीं हैं और किताबों के प्रति लोगों को आकर्षित करने की कोशिश को एक दिशा दे रहीं हैं।


ऊपर तस्वीर में दिए ऑडियो आइकन पर क्लिक कर के हिंदी में पॉडकास्ट सुनें।

हर दिन शाम 5 बजे एसबीएस हिंदी का कार्यक्रम सुनें और हमें  Facebook और Twitter पर फॉलो करें।


 


Share
Download our apps
SBS Audio
SBS On Demand

Listen to our podcasts
Independent news and stories connecting you to life in Australia and Hindi-speaking Australians.
Ease into the English language and Australian culture. We make learning English convenient, fun and practical.
Get the latest with our exclusive in-language podcasts on your favourite podcast apps.

Watch on SBS
SBS Hindi News

SBS Hindi News

Watch it onDemand
यह कहानी सुनकर, आप भी करेंगे इस लड़की के जज़्बे को सलाम | SBS Hindi