मानसी भारत में मुंबई से ताल्लुक रखती हैं, लेकिन उनकी ज्यादातर पढ़ाई लिखाई दुबई में ही हुई है, क्योंकि उनके माता पिता अब दुबई में ही रहते हैं।
मानसी भी साल 2015 में कुछ ख्वाब लिए ऑस्ट्रेलिया आई थी। पहले कुछ साल वो मैलबर्न में रही और अब वह सिडनी के उपनगर पैरामाटा में रहती हैं।
मुख्य बातें:
- 'कॉमिक टाइमिंग्स ऑफ लाइफ़' एक वेब सीरीज़ है जो ऑस्ट्रेलिया में प्रवासियों की ज़िंदगी के उतार-चढ़ाव को दर्शाती है।
- इस वेब सीरीज़ को कुछ भारतीय मूल के लोगों ने नॉकआउट प्रोडक्शन के बैनर तले तैयार किया है.
- इस वेब सीरीज़ के निर्माताओं में से एक मानसी कहती हैं कि वह अपने प्रोडक्शन हाउस को उन सभी सक्रिय लोगों का जरिया बनाना चाहती हैं जिन्हें बड़े प्रोडक्शन हाउस में मौका नहीं मिल पाता।
वह कहती हैं,”विदेशों से और ख़ास तौर पर भारत से ऑस्ट्रेलिया आने वाले लोगों के मन में कुछ सपने होते हैं। अक्सर लोगों को लगता है कि ऑस्ट्रेलिया पहुंच गए तो ज़िंदगी पटरी पर आ गई। लेकिन कभी-कभी ऐसा नहीं होता और यहां ज़िंदगी उनसे कुछ ऐसे काम करवाती है जो उनकी योजना में शामिल नहीं होते।”

मानसी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था। वह कहती हैं कि जब वह ऑस्ट्रेलिया आई थी तो उन्हें भी लगा था कि सब कुछ बेहतर होने वाला है, लेकिन उन्हें धीरे-धीरे पता चला कि ऑस्ट्रेलिया में भी ज़िंदगी बहुत आसान नहीं है।
मानसी कहती हैं,”धीरे-धीरे मुझे अपनी ही तरह की सोच वाले कई लोग मिले जो कुछ और सोचकर आए थे लेकिन ज़िंदगी ने उनसे करवाया कुछ और ही।”
हालांकि मानसी अब ऑस्ट्रेलिया में अपने शुरूआती संघर्ष से बाहर निकल चुकी हैं और आखिरकार वो कुछ ऐसा कर रही हैं जो कि उन्हें अपना सा लगता है।
मानसी ने साल 2018 में अपने सहयोगी जैमीश कोटेचा और हर्ष गुप्ता के साथ मिलकर 'नॉकआउट प्रोडक्शन' नाम से एक प्रोडक्शन हाउस की शुरूआत की।

बड़ी बात ये कि मानसी अपने उन खट्टे-मीठे अनुभवों को नहीं भूली हैं। इन्हीं अनुभवों पर उन्होंने एक वेब सीरीज़ बनाई है. इस सीरीज़ को नाम दिया गया है 'कॉमिक टाइमिंग्स ऑफ लाइफ़'।
मानसी कहती हैं,”मुंबई में मैने पब्लिक रिलेशन के क्षेत्र में काम किया था. जिसमें मेरा कार्य क्षेत्र फिल्मों तक भी था। ज़ाहिर है कुछ वो अनुभव भी काम आया। वेब सीरीज़ इसलिए बनाने की सोची क्योंकि वे काफी प्रचलन में हैं और वेब सीरीज़ को लोग फिल्मों की अपेक्षा ज्यादा लंबे समय तक भी देखते हैं।”
मानसी कहती हैं कि उनकी टीम के सहयोगी और कलाकार बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। ये सभी कई काम एक साथ कर सकते हैं, जिससे उनका काम आसान हो जाता है।
कितना कठिन था मानसी और उनकी टीम के लिए ये वेब सीरीज़ बनाना?
इसके जवाब में मानसी कहती हैं,“मैने साल 2016 में ये कहानी लिखनी शुरू की थी और अभी तक इसमें काम चल रहा है। यहां बड़े प्रोडक्शन हाउस काम की तो सराहना करते हैं लेकिन किसी ने इस काम को अंजाम तक पहुंचाने के लिए हामी नहीं भरी। कई लोगों ने तो मेरा कॉल उठाना भी छोड़ दिया था।”
मानसी फिल्म निर्माण के अपने इस सपने को और बड़ा आयाम देना चाहती हैं. वह कहती हैं कि वह अपने प्रोडक्शन हाउस को उन सभी लोगों के लिए ज़रिया बनाना चाहती हैं जिन्हें कुछ बड़े दरवाज़ों से मायूस वापस लौटने पड़ता है.
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