फ्रांस में एक वर्ष पहले हुए विभिन्न आतंकी हमलों में तथाकथित इस्लामिक स्टेट द्वारा मारे गए लोगों की पहली पुण्यतिथि मनाई जा रही है.
इस हमले में १३० लोगों की जान चली गयी थी तथा इसे फ्रांस में हुई अब तक की अत्यंत भयानक आतंकी घटना के रूप में बतया गया था.
इस हमले में मारे गए लोगों की याद में आयोकित विभिन्न पुण्यतिथि समारोहों में फ्रांस के राष्ट्रपति, Francois Hollande, और कई बड़े नेताओं ने भाग लिया.
इस हमले को अंजाम देने वाले आत्मघाती आतंकि हतियारो और बम्बों से लेस आये थे
इन्होंने फ्रांस के छह बड़े स्थलों - Stade de France stadium, खाने- पीने के स्थानों जैसे रेस्टोरेंट्स और विश्व प्रसिद्ध Bataclan कॉन्सर्ट हॉल - को निशाना बनाया.
हज़ारों की संख्या में लोग खासकर मारे गए लोगों के परिजन इन स्थलों पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिये लौटे.
Michael Dias, जिनके पोर्तुगाल में पैदा हुए पिता फ्रांस और जर्मनी का फुटबॉल मैच वहां के राष्ट्रीय स्टेडियम में देखने के लिये गए थे, सबसे पहले हुए हमले में मारे गए थे.
Michael- अपने पिता को याद करते हुए बताते हैं की वह फ्रांस में समेकन का जीता-जाता सबूत थे और यह यहाँ बेहद जरूरी भी है.
“He, who had friends of different nationalities, respected the identities of everyone. It is the image of tolerance that I keep of him.”
इन पुण्यतिथि समारोहों में शामिल कई ऐसे लोग भी थे जो फ्रांस के कई दूरवर्ती इलाकों से अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करने आये.
"Yes, we came for that, from the southwest, because it's important. It's an event which marked a change in our future, I think. So it was important to come with my children, to come and reflect, to show them, to explain to them what happened. And then to reflect, for all the victims who were affected by this tragedy."
फ्रांस के राष्ट्रपति Francois Hollande और पेरिस की महापौर Anne Hidalgo ने दिन की शुरआत हमलों के स्थाननों पर जाने से की.
कड़ी सुरक्षा के बीच उन्होंने मारे गए लोगों की याद में एक स्मारक फलक का विमोचन किया.
राष्ट्रपति Hollande ने किसी भी समारोह में बोलने से यह कहते हुए इनकार कर दिया की वह चाहते हैं आज का दिन मृतकों को सम्पर्पित हों न की किस भी प्रकार की राजनीती को.
राष्ट्रपति Hollande ने स्मारक फलक से फ्रांस का राष्ट्रीय ध्वज हटाया और इसके बाद मारे गए लोगों के नाम बोले गए तथा लोगों ने शान्ति पूर्वक अपना दुःख व्यक्त किया.
राष्ट्रपति का आखिरी मुकाम Bataclan कॉन्सर्ट हॉल था.
यह वही स्थल है जहाँ सबसे भयानक आतंकी हमला हुआ था.
यहाँ उस समय चल रहे California से आये Eagles of Death Metal- के संगीत कार्यक्रम के बीच तीन आतंकियों ने जमा भीड़ पर अँधा-धुन गोलियां दाग दी.
यहाँ नवासी लोगों की मृत्यु हुई.
इस सप्ताहांत इस कॉन्सर्ट हाल को पुनः खोला गया और इस बार प्रसिद्ध ब्रिटिश संगीतकार Sting- ने संगीत का समां बांधा.
Eagles of Death Metal दल के सदस्य भी मृतकों की याद में आयोजित इन समारोह में भाग लेने के लिये पेरिस आये हुए हैं.
इससे पहले इस दल के मुख्या संगीतकार Jesse Hughes को घटना स्थल पर चल रहे पुण्यतिथि समारोह से वापिस लौटा दिया गया था.
इसकी वजह उनके द्वारा की गयी वह टिपण्णी थी जिसमें उन्होंने इस कॉन्सर्ट हॉल पर हुए हमले के लिये वहां उपस्थित सुरक्षा कर्मियों को भी जिम्मेवार या हमलावरों के साथ लिप्त बतया था.
उन्होंने बाद में पेरिस में अपने बयान के लिये माफ़ी मांगी और कहा की फ्रांस द्वारा इन आतंकी हमलों पर की कई कार्यवाही से काफी कृतार्थ हैं.
"Remembering people that have gone is difficult, and I miss my friends every day. I wish that they were still with us, but we have all of this here to remind everyone how beautiful everyone is that was lost. And I don't think I would have gotten through it if I wasn't here. I really don't think so. I am eternally indebted to the people of France."
पर इन आयोजनों के साथ ही कई ऐसे लोग भी हैं जो इन हमलों में बच गए लोगों के लिये देश से और अधिक करने की आशा करते हैं.
ABC की एक रिपोर्ट में कहा गया है की फ्रांस की सरकार के अनुसार ६०० से अधिक लोग इन हमलों के बाद से मानसिक चिक्तिसा ग्रहण कर रहे हैं.
पीड़ितों की वकालत कर रहे संघटन क कीप्रतिनिधि, Francoise Rudetzki, बताती हैं की इन हमलों के बाद से कई लोग सामाजिक एकीकरण से झूज रहे हैं और साथ ही काम पर वापिस नहीं जा सकें हैं क्योंकि उन्हें काफी मानसिक क्षति पहुंची थी.
उनके अनुसार फ्रांस में बहुत कम लोग ही ऐसे मामलों का इलाज़ करने में प्रशिक्षित हैं.
"We are exploring better ways of training therapists. There are some but, once again, it is the military who better understand those kind of after effects. And I would like to see the military training many civilians to treat post-traumatic stress."
इन पुण्यतिथि समारोहों के बीच वह मानती हैं की फ्रांस को बच गए पीड़ितों के इलाज़ और भविष्य की ओर भी ध्यान देना चाहिये.



