दिल्ली में प्रदूषण में कुछ सुधार लेकिन कैसे होगा स्थायी समाधान?

Vehicles wait at a crossing in New Delhi, India

Source: AAP

भारत की राजधानी दिल्ली में हालांकि पिछले कई दिनों से छायी प्रदूषण के स्तर में कुछ सुधार हुआ है. लेकिन यहां पर हवा में अभी भी प्रदूषण का स्तर खतरनाक़ स्तर पर बना हुआ है. भारत के सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण कम करने में विफल रहने पर संबंधित विभागों की आलोचना की है और इसे लोगों के जीने के अधिकार का हनन बताया है.


ताज़ा हवा के झोंको ने हालांकि भारत की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण को कुछ हद तक कम किया है लेकिन हवा में देख सकने की दूरी में कुछ इज़ाफा होने के अलावा अभी दिल्ली के लोगों को ख़तरनाक गैसों से निजात नहीं मिल पाई है. अभी भी एक घने धुएं के बादल ने भारत की राजधानी दिल्ली को जकड़ा हुआ है और इस वजह से यहां हवा की गुणवत्ता पिछले 3 सालों में सबसे ख़तरनाक स्तर पर पहुंच गई है.

हालांकि दिल्ली वैसे भी विश्व के कुछ सबसे प्रदूषित शहरों में से एक है और अक्सर हर साल अक्टूबर महीने में हवा की गति कम होने और तापमान घटने के साथ दिल्ली की हवा की गुणवत्ता घटने लगती है. ज़ाहिर इ इस प्रदूषण में उद्योगों से निकलने वाला प्रदूषण, निर्माणों की धूल, गाड़ियों का प्रदूषण और पड़ोसी राज्यों में किसानों द्वारा फसलें जलाए जाने के कारण होने वाला धुआं शामिल होता है. और ये सारा प्रदूषण ठंड़ी हवाओं के नीचे जमा हो जाता है.

Pollution Maintains Chokehold On Delhi-NCR As Air Quality Breaches Index In Some Areas
Source: Getty Image

इस साल दिल्ली में अमेरिकी दूतावास में रियल टाइम एयर क्वालिटी इंडेक्स में ज़हरीले कणों की मात्रा घातक स्तर पर दर्ज की गई जो कि फेफड़ों में अंदर तक पहुंच कर नुकसान पहुंचा सकती है. ज़ाहिर है इस वजह से सांस की समस्या को लेकर ज्यादा से ज्यादा लोग डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं. बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सरकार ने दिल्ली में स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है और कई स्कूल भी बंद रखे गए हैं. 

हालांकि अब हालात कुछ सुधर रहे हैं हवा का रुख तेज़ होने की वजह से प्रदूषण दिल्ली से हट रहा है. दिल्ली में रहने वाले संजीव बताते हैं कि वो कुछ सुधार महसूस कर पा रहे हैं.  हालांकि सरकारें भी हरकत में आई हैं दिल्ली में एक बार फिर ऑड-ईवन स्कीम लागू की गई है जिसके कारण दिल्ली में प्रतिदिन आने वाले वाहनों की संख्या में कमी आई है, साथ ही निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है और कूड़ा जलाने पर भी रोक है.

यहां तक कि आगरा में विश्व प्रसिद्ध ताजमहल को प्रदूषण के प्रभाव से बचाने के लिए एयर प्यूरिफायर का इस्तेमाल किया जा रहा है. ये विश्व धरोहर प्रदूषण से घिर गई है और पीली पड़ रही है. आगरा नगर निगम के कार्यकारी अभियंता राजीव कुमार राठी बताते हैं कि प्रदूषण से निपटने के लिए कार्रवाई की जा रही है.

वहीं राजधानी में पर्यटन भी ख़ासा प्रभावित हुआ है. क्योंकि पर्यटकों को खतरनाक वायु प्रदूषण से जूझने में परेशानी हो रही है. चाहे वो भारतीय हों या विदेशी पर्यटक या तो वो दिल्ली में अपना प्रवास छोटा कर रहे हैं या फिर रद्द कर रहे हैं. पर्यटन व्यवसाय से जुड़े प्रद्युमन राठौड़ कहते हैं कि विदेशी पर्यटक इस तरह की परिस्थितियों के आदी नहीं हैं. हालांकि ऑस्ट्रेलिया से गए एक पर्यटक पॉल किसी तरह यहां कि परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाने की कोशिश कर रहे हैं.

इम विषम परिस्थितियों में पर्यावरण के लिए काम करने वाले स्वयंसेवी में सामने आए हैं और उन्होंने भारत के उच्चतम न्यायालय में किसानों को फसल के बाद बचे कूड़े को जलाने से रोकने के लिए याचिका दाखिल की है. कोर्ट ने भी याचिकाकर्ताओं के पक्ष में फैसला दिया है और स्थानीय लोगों केंद्र सरकार और पड़ोसी राज्यों से प्रदूषण कम करने के उपायों को अपनाने की सलाह दी है.


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