१९७० के दशक से २०१६ तक ऑस्ट्रेलिया में दिवाली मनाने में काफी बदलाव आये हैं.
सिडनी स्तिथ भारतीये मूल के लेखक सुनील बादामी जो यहाँ पैदा हुए बताते हैं की कैसे समावेशवाद के दौरान दिवाली एक पारिवारिक उत्सव था और आज बहुसंस्कृतिवाद आने के बाद ऑस्ट्रेलिया में धूम मचा रहा है!
ऑस्ट्रेलिया में दिवाली के बदलते स्वरुप पर अधिक जानकारी के लिये सुनिये अमित सरवाल की सुनील बादामी के साथ यह ख़ास बातचीत.
साथ ही पढिये सुनील बादामी द्वारा लिखित “दिवाली कीप्सदीहोम लैम्प्स बर्निंग”

Sunil Badami Source: Sunil Badami



