ऑस्ट्रेलिया में हर गुज़रते साल के साथ भारतीय समुदाय की जनसंख्या बढ़ रही है। बड़े शहरों के साथ-साथ अब भारतीय प्रवासी छोटे शहरों का भी रुख करने लगे हैं और इस बात का अंदाजा इस बात से लगता है कि पहली बार सनशाइन कोस्ट में इस साल सामुदायिक दिवाली मनाई गयी।
5 साल पहले जब अरविंद पंडिता सनशाइन कोस्ट आए तो यह उनके लिए एक बहुत ही अलग जगह थी। अपने देश से दूर अरविंद ने यहां अपना घर तो बसा लिया था पर अपने देश और दोस्तों की याद उन्हें हर पल आती रही।
मुख्य बातें :
- छोटे शहरों में भी बढ़ रहे हैं भारतीय प्रवासी।
- सनशाइन कोस्ट में पहली बार मनाई गयी सामुदायिक दिवाली।
- मेंबर ऑफ पार्लियामेंट एंड्रू वॉलेस ने भी लिया हिस्सा।
सनशाइन कोस्ट ऑस्ट्रेलिया का वह हिस्सा है जहां भारतीय जनसंख्या बहुत काम है लेकिन बीते सालों में हालात काफी बदल गए हैं। वक़्त के साथ-साथ प्रवासियों का आकर्षण इस इलाके की तरफ दिखा और अब धीरे-धीरे भारतीय समुदाय की गिनती भी यहां बढ़ रही है।
अरविंद बताते हैं, "पांच साल पहले जब हम सनशाइन कोस्ट आए तो यहां बहुत कम भारतीय दिखते थे, लेकिन पिछले कुछ सालों में यहां तेज़ी से भारतीय प्रवासियों की संख्या बढ़ी है।"

सनशाइन कोस्ट में रह रहे भारतीय समुदाय को जोड़ने की अरविंद पिछले कई सालों से लगातार प्रयत्न कर रहे हैं। इसी कोशिश में सोशल मीडिया की मदद से अरविंद ने यहां लोगों को एकजुट कर इस साल दिवाली समारोह का आयोजन किया। इस समारोह में लोगों ने ना सिर्फ जोश के साथ हिस्सा लिया बल्कि कोरोना के चलते सोशल डिस्टेंसिंग का भी ख़याल रखा।
इतना सब कुछ अकेले करना आसान नहीं था, अरविंद के परिवार के साथ साथ कई लोगों ने उनकी इस आयोजन में मदद की।
हम चाहते थे कि दिवाली समारोह लोगों के लिए फ्री हो जिससे सभी लोग इसमें शामिल हो सकें, ऐसे मैं डॉ वैस श्रीनिवासन ने आगे बढ़कर हमारी मदद की और इस आयोजन का एक बड़ा हिस्सा स्पॉन्सर किया, अरविंद बताते हैं।
अरविंद की ही तरह डॉ. वैस भी सनशाइन कोस्ट में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए लगातार काम कर रहे हैं। डॉ वैस पिछले 13 सालों से सनशाइन कोस्ट में रह रहे हैं और यह डॉ वैस के ही प्रयासों का नतीजा था की मेंबर ऑफ पार्लियामेंट एंड्रू वॉलेस और सनशाइन कोस्ट के पुलिस इंस्पेक्टर जेसन ऑर्लैंड ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।

अरविंद और डॉ वैस अपनी इस पहली कोशिश से बहुत खुश हैं और उमींद करते हैं की आगे भी वो सनशाइन कोस्ट में रह रहे भारतीय समुदाय को ऐसे ही जोड़ने का प्रयास करते रहेंगे।





