अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोगों को सेंसरशिप, प्रतिशोध या प्रतिबंध के डर के बिना अपनी राय, विचार या विश्वास व्यक्त करने की अनुमति देती है।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने अधिकारों के विधेयक में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को शामिल किया है। इसके विपरीत, ऑस्ट्रेलिया इसे सुनिश्चित करने के लिए कई तरह के काम करता है।
ऑस्ट्रेलियाई मानवाधिकार आयुक्त लोरेन फिनले ने एसबीएस एक्जामिनेस को बताया कि हमारे कानून अधिक जटिल क्यों हैं, इसका एक कारण है।
उन्होंने कहा, "जब हमारे संविधान का मसौदा तैयार किया गया था, तो मसौदा तैयार करने वालों ने महसूस किया था कि एक मजबूत संसदीय लोकतंत्र वास्तव में मानवाधिकारों की रक्षा करने का सबसे अच्छा तरीका है।"
उनका मानना है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के हमारे अधिकार की रक्षा करना संसद और ऑस्ट्रेलियाई लोगों पर निर्भर करता है।
लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर कोई नतीजे की परवाह किये बिना जो भी चाहे कह सकता है।
एसबीएस एक्जामिन्स के इस एपिसोड में हम जानते है: अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता क्या है? और क्या ऑस्ट्रेलियावासियों को यह अधिकार है?
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