कुछ लोग कहते हैं कि वो कुछ आदतें छोड़ देंगे. कोई अपने काम को लेकर लक्ष्य तय करता है. ज्यादातर लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर भी लक्ष्य तय करते हैं. कीजिए ये बहुत अच्छी बात है. जब लक्ष्य होगा तभी तो उसे हासिल करने की कोशिशें होंगी और जब कोशिशें होंगी तभी तो कामयाबी भी मिलेगी. लेकिन आपके लिए एक सलाह है. और वो सलाह है विशेषज्ञों की वो कहते हैं कि जब भी आप कोई लक्ष्य तय करें तो अपने लिए थोड़ा सा दया भी रखें. थोड़ा अपना, अपने शरीर का मस्तिष्क का खयाल भी रखें.
अक्सर ये देखा गया है कि लोग अपने स्वास्थ्य और फिटनेस को लेकर सबसे ज्यादा लक्ष्य तय करते हैं. लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि साल में ये ही वो समय है जब आप लक्ष्य तय करते वक्त इस बात का ख़याल रखें कि वो वास्तविक हों यानी ऐसे हों जिन्हें आप समझते हैं कि आप बिना खुद को शारीरिक और मानसिक नुकसान पहुंचाए पा सकते हैं.
डॉक्टर क्रेग डंकन एक परफॉर्मेंस स्ट्रेटेजिस्ट और एक्सरसाइज़ साइंटिस्ट हैं. वो कहते हैं कि अक्सर देखा गया है कि न्यू ईयर रेज़ोल्यूशन बहुत दिनों तक नहीं चलते.
डॉक्टर एवलिन पार मैरी मैककिलोप इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ रिसर्च में एक्सरसाइज़ एंड न्यूट्रीशन क्षेत्र में एक रिसर्च फैलो हैं. वो कहती हैं कि ये महत्वपूर्ण है कि लोग एक साथ आते हैं और कुछ भी सही थोड़ी बहुत कोशिश ज़रूर करते हैं.
वो कहती हैं कि अपनी दिनचर्या में थोड़े बहुत बदलाव अगर किए जाते हैं तो ऐसे लक्ष्य लंबे समय तक हासिल किए जा सकते हैं जैसे दिन के तीनों समय पूरा खाना खाने के बजाए ज्यादा फलों और सब्ज़ियों को खाना. वो भी कहती हैं कि लोगों को अपनी शरीर के मुताबिक वास्तविक लक्ष्य तय करने चाहिए लेकिन ऐसा भी ना हो कि वो कोई बहाना बनाकर अपने लिए सही काम करने से बचने लगें.
ये वक्त है जबकि कई आस्ट्रेलियाई लोग अपनी शारीरिक गतिविधि के स्तर का आंकलन कर रहे होंगे. सिडनी में ऑस्ट्रेलियन कैथलिक यूनीवर्सिटी के एक्सरसाइज़ साइंस विषय में सीनियर लैक्चरर डॉक्टर ग्रांट डफी कहते हैं कि बहुत लोग होते हैं जिनका टाइम मैनेजमेंट बहुत अच्छा नहीं होता लेकिन उनको जरूरी तौर पर रोज़ व्यायाम करने के लिए समय निकालना चाहिए.
ये भी संभव है कि कुछ लोग इन दिनों अपनी ज्यादा शराब पीने की आदत के बारे में भी सोच रहे होंगे या फिर इसे छोड़ने का लक्ष्य भी तय कर रहे होंगे लेकिन एल्कोहॉल एंड ड्रग फाउंडेशन का कहना है कि जो लोग मध्यम से ज्यादा शराब पीने वाले हैं उन्हें अचानक शराब पीना छोड़ने की बजाए अपने डॉक्टर से मिलकर इस बारे में लक्ष्य तय करने चाहिए.
फाउंडेशन से ही मेलिंडा लुकास कहती हैं कि आस्ट्रेलिया एक ऐसा देश है जहां एल्कोहॉल का सेवन सामाजिक मेल-जोल में शामिल है. काम खत्म होने के बाद कलीग्स के साथ पीना, हैप्पी आवर्स, और लोकल पब कई लोगों की आम सामिजक ज़िंदगी का हिस्सा हैं.
सुश्री लुकास कहती हैं कि अगर कोई शख्स रोज़ रात के वक्त कुछ ग्लास वाइन भी पीता है तो वो भी अचानक इसे छोड़ने पर स्वास्थ्य में नकारात्मक लक्षणों का सामना कर सकता है .
फाउंडेशन ने लोगों को गर्मी के इस मौसम में शराब के सेवन को लेकर भी चेतावनी दी है. कहा गया है कि पीने के बाद लोग पूल या समंदर में तैरने ना जाएं. साथ ही बहुत देर तक धूप से भी बचें.
विशेषज्ञ ये भी चेतावनी देते हैं कि जो लोग ड्रग्स के सेवन करते हैं उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि किसी भी ड्रग के इस्तेमाल का कोई भी सुरक्षित स्तर या मात्रा नहीं है.
साथ ही लोगों से पार्टियों में एक दूसरे की देखभाल करने का आग्रह भी किया गया है.




