प्रो. वासुदेवन प्लास्टिक को असल रत्न मानते है. उनका मानना है की प्लास्टिक मानव का दुश्मन नहीं लेकिन सच्चा दोस्त है. इसीलिए उन्होंने ऐसी तकनीक का अविष्कार किया है जिससे प्लास्टिक के कचरे से सड़क बनाई जा सके. हरिता मेहता से उनकी भेटवार्ता नहीं
राजगोपाल वासुदेवन कचरा प्रबंधन के वैज्ञानिक है. वो थ्यागराज कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग के प्राध्यापक है, उन्होंने प्लास्टिक के कचरे के पुनुप्योग करके उनसे सड़क बनाने की ईएसआई तकनीक का अविष्कार किया है जिससे सड़क लबे समय तक बिना मरम्म्त के सलामत रहे और कम लागत से बने. ये सड़क प्रतिकूल वातावरण को भी श सकती है. भारत में इस तकनीक से, प्लास्टिक कचरे से ग्राम्य क्षेत्रों में सड़क बनाई जा रही है
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