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OAM डॉ. रोंधिर जिथू: एक न्यूरोसर्जन और विंग कमांडर की बेमिसाल सेवा यात्रा

Dr. Rondhir Jithoo OAM: Neurosurgeon, Wing Commander, and 2026 Order of Australia recipient, honored for his outstanding contributions to global surgical standards and veteran health. Photo Credit: Dr. Rondhir Jithoo Credit: Dr. Rondhir Jithoo
ऑर्डर ऑफ ऑस्ट्रेलिया मेडल (OAM) से सम्मानित न्यूरोसर्जन डॉ. रोंधीर जिथू की कहानी केवल एक चिकित्सा करियर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सेवा, साहस और सामाजिक ज़िम्मेदारी की एक अनूठी मिसाल है। एसबीएस हिंदी के साथ इस विशेष बातचीत में, वे अपने पारिवारिक संस्कारों, भारत और दक्षिण अफ्रीका से जुड़ी अपनी जड़ों और ऑस्ट्रेलिया में एक सफल पेशेवर बनने के सफर को साझा करते हैं। सार्वजनिक अस्पतालों से लेकर ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल (ADF) तक, डॉ. जिथू के लिए चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सेवा का आजीवन संकल्प है। उनकी यह यात्रा युवा प्रवासियों के लिए उद्देश्य, साहस और सफलता के वास्तविक अर्थ को समझने की एक प्रेरणादायक मिसाल है।
[म्यूज़िक] नमस्कार, आप सुन रहे हैं एसबीएस हिंदी और मैं हूं शशि कुमार। आजकल हम आपकी मुलाकात ऑस्ट्रेलिया डे ऑनर्स से सम्मानित भारतीय समुदाय के ऑस्ट्रेलियाईयों से करा रहे हैं। इसी कड़ी में आज मैं आपकी मुलाकात करा रहा हूं डॉक्टर रौन्धीर जीतहू से, जो एक ऐसे न्यूरो सर्जन हैं, जिनकी पहचान ऑपरेशन थिएटर से निकलकर दूर-दराज के समुदायों, प्रशांत द्वीपों और ऑस्ट्रेलिया की सैन्य सेवा तक फैली हुई है। आज एसबीएस हिंदी में हम उनकी उस यात्रा को जानेंगे, जहां चिकित्सा सिर्फ एक पेशा नहीं बल्कि सेवा का जीवन दर्शन है। डॉक्टर रौन्धीर जीतहू, आपको ऑस्ट्रेलिया डे ऑनर्स से सम्मानित होने की बहुत-बहुत बधाई और एसबीएस हिंदी में आपका स्वागत है।
थैंक यू वेरी मच! आई अप्रिशिएट दैट। वी एक्सेप्ट दिस अवार्ड नॉट एज अ पर्सनल अचीवमेंट, बट रादर वी एक्सेप्ट इट ऑन बिहाफ ऑफ द लाइक ए कम्युनिटी।
जब आपको पता चला कि आपको ऑर्डर ऑफ ऑस्ट्रेलिया मेडल से सम्मानित किया जा रहा है तो उस पल आपकी पहली प्रतिक्रिया क्या थी?
आई वाज प्लीजड, बट आई वाज मोर प्लीजड फॉर माय फैमिली। अह... इट्स मोर नॉट पर्सनल रिकॉग्निशन, बट रिकॉग्निशन फॉर सर्विस टू द कम्युनिटी। उम... इट्स द फैमिली दैट, यू नो, गेट स्ट्रेस्ड व्हेन यू लीव होम एंड गो टू वर्क इन रिमोट एरियाज एंड सो ऑन।
सो, इट्स ऑल्सो अक्नॉलेजमेंट दैट आई स्पेंट अ लॉट ऑफ टाइम इन द पब्लिक हॉस्पिटल सिस्टम,
नॉट इन प्राइवेट प्रैक्टिस
एंड अक्नॉलेजमेंट ऑफ सर्विस दैट गोज़ बियोंड द हॉस्पिटल। सो, आई डू वर्क फॉर द ऑस्ट्रेलियन डिफेंस फोर्स एज अ रिजर्विस्ट।
हमारे श्रोताओं को आप अपने जीवन के सफर और परिवार के बारे में थोड़ा बताइए।
येस, श्योर! सो आई एम समवन फ्रॉम वी कॉल फ्रॉम इंडियन डायस्पोरा। अह... माय एंसेस्ट्री इज ट्रेस बैक टू बिहार एंड टू लखनऊ, बट फोर्थ जेनरेशन इंडियन पर्सन बॉर्न एंड रेज्ड इन साउथ अफ्रीका। माय ग्रेट ग्रैंडपेरेंट्स माइग्रेटेड एज डेयरी फार्मर्स नियर डर्बन, प्लेस कॉल्ड डर्बन, इन साउथ अफ्रीका। सो, डर्बन इज फेमस फॉर महात्मा गांधी, हैविंग गॉन देर टू डू हिज फर्स्ट जॉब एज अ बैरिस्टर एंड ही लिव्ड इन डर्बन फॉर ट्वेल्व इयर्स, एंड ही हैड अ, अ फार्म कॉल्ड तोल्स्टॉय फार्म, दैट वाज बिफोर ही केम टू इंडिया। सो, इन फैक्ट, माय ग्रेट ग्रैंडफादर वाज इंवोल्व्ड विद गांधीज ऑर्गनाइजेशन। एट दैट टाइम, गांधी हैड फॉर्म्ड एन ऑर्गनाइजेशन कॉल्ड नटाल इंडियन कांग्रेस, अ प्रीकर्सर टू द कांग्रेस पार्टी एंड सो ही वाज इंवोल्व्ड विद सिविक इंगेजमेंट। इन, इन दिस आई एम टॉकिंग अबाउट 1890 एंड सो ऑन। सो, माय फादर अह... वाज पास, मां पास अवे, बट माय फादर इज अ डॉक्टर, वाज अ डॉक्टर। ही इज अ जनरल प्रैक्टिशन एंड माय मदर वाज एन एकेडमिक, प्रोफेसर ऑफ एंथ्रोपॉलॉजी। उम... सो, आई केम टू ऑस्ट्रेलिया इन 2002 एज अ क्वालिफाइड डॉक्टर एंड आई डिड न्यूरो सर्जिकल ट्रेनिंग एट द रॉयल मेलबर्न हॉस्पिटल।
आपने अपने करियर में ज्यादातर वक्त पब्लिक हॉस्पिटल सिस्टम में बिताया है। प्राइवेट की बजाय सार्वजनिक क्षेत्र को ज्यादा तवज्जो देने की क्या वजह है?
वेल, आई, आई डू हैव अ स्मॉल प्राइवेट प्रैक्टिस, बट मेनली माय करियर इज इन द पब्लिक अह... सिस्टम। द रीजन इज, फर्स्टली, इन द पब्लिक सिस्टम एज अ सर्जन, वी आर एबल टू प्रोवाइड सर्टन टाइप ऑफ केयर दैट यू डोंट सी, पेशेंट्स यू डोंट सी इन द प्राइवेट। ऑल्सो, यू गेट अ चांस टू वर्क विद द जूनियर डॉक्टर्स एंड द ट्रेनिंग सर्जन एंड आई एम ऑल्सो इंवोल्व्ड इन एग्जामिनिंग फॉर द
ग्रैजुएटिंग न्यूरो सर्जन एज वेल।
डॉक्टर जीतहू, आप बाद में ऑस्ट्रेलियन डिफेंस फोर्स में शामिल हुए, तो इस बारे में थोड़ा बताइए।
ये, आई मीन, अलदो आई हैड अ फैमिली हिस्ट्री, माय अर्ली पार्ट ऑफ द करियर, एस्पेशली व्हेन माय चिल्ड्रेन वर यंग, वी रियली हैड नो टाइम टू डू दिस, मिलिट्री परस्यूट बिकॉज़ इट इंवोल्व्स स्पेंडिंग अ लॉट ऑफ टाइमアवे फ्रॉम होम। बट आई वाज इंवोल्व्ड विद ट्रेनिंग द डिफेंस मेडिकल ऑफिसर्स इन सर्जिकल फील्ड एंड इन ट्रोमा ट्रेनिंग, एंड सो, आई वाज एक्चुअली इनवाइटेड टू जॉइन बाय सम ऑफ द सीनियर मिलिट्री पीपल। सो, आई जॉइंड इन माय मिड फोरटीज।
आपके करियर का सबसे चुनौतीपूर्ण दौर कौन सा था? उस अनुभव के बारे में थोड़ा बताइए।
Um... आई वुड से सम द मोस्ट चैलेंजिंग पीरियड ऑफ माय करियर हैव बीन व्हेन आई हैव बीन वर्किंग
फॉर द पैसिफिक आइलैंड प्रोग्राम थ्रू आवर कॉलेज ऑफ सर्जन। सो द ऑस्ट्रेलियन गवर्नमेंट स्पॉंसर्स सर्जिकल केयर इन द पैसिफिक आइलैंड्स। सो, आई हैव बीन टू सम रिमोट हॉस्पिटल्स इन फिजी। उम... सो, इन दिस हॉस्पिटल्स, आई केम अक्रॉस अ वेरी यंग चाइल्ड विद ट्यूबरकुलोसिस ऑफ द कवरिंग ऑफ द ब्रेन। इट्स कॉल्ड ट्यूबरकुलोसिस मेनिनजाइटिस एंड द वाटर इनसाइड द हेड वाज ब्लॉकड एंड देन, उम... दे, दे डिडन'ट हैव मेनी
टाइप्स ऑफ ट्यूबिंग, वी कॉल अ शंट टू ड्रेन द वाटर, बट द हॉस्पिटल डिड हैव अ टाइप ऑफ शंट दैट इज परचेस्ड फ्रॉम इंडिया। इट्स अ लो कॉस्ट शंट, कॉल्ड अ चबरा शंट एंड सो, आई वाज एबल टू पुट द, इन्सर्ट दिस इंटू द चाइल्ड एंड दैट वाज अ लाइफ सेविंग सर्जरी फॉर द चाइल्ड। सो, व्हाट वी डू समटाइम्स इज बॉर्न आउट ऑफ नेसेसिटी।...Where you don't have the luxury of expensive equipment or first world setup. And so that is, you know, some, some, some tough decisions to make. Um, otherwise, if you, if you left the child, the child would die.
आप अपने जीवन में प्रेरणा और शक्ति कहां से प्राप्त करते हैं?
So motivation and strength, I think, uh, as a especially as a neurosurgeon, you have to be a little bit philosophical and thoughtful about your life, because in our type of surgery, we don't always get a good result. Once the brain is injured, no matter what we do, we can't bring back that function. So the famous, um, poet, um, Tagore, he had a saying. He said, when he slept, he dreamt that life was joy, and but when he woke up, he realized that life was service. But when he acted, he realized that service was joy. Uh, that, um, I, I thought sort of sums up a lot of my thinking is that, um, we try to promote the philosophy of, uh, service to the community as, as, as the way forward. And in many of the the Hindu philosophy, there's a concept of, of, of karma yoga, of, um, devotion to God through service to the community or service to others.
भारत की आपकी जड़ें, साउथ अफ्रीका में बचपन और ऑस्ट्रेलिया में करियर। आप तीनों दुनिया की अपनी पहचान, संस्कृति के साथ कैसे तालमेल बिठाते हैं?
Yes, it's a, it's, it's an interesting one. I think there are a lot of common shared values, like love of cricket, for example, is common across all the countries. So it's also, for example, the English language, uh, is common. So
I, I think, um, certainly nowadays I would, uh, see myself as, as Australian, but someone who has a very strong, uh, Indian culture. And then there's the South African history behind, behind that. So yeah, it's I think it's, it's really where, where your life is now. But we, uh, always cannot forget our strong culture. For example, the, um, Indian culture that goes back, you know, thousands of years.
आज के युवाओं, खासकर भारतीय समुदाय और प्रवासी समुदाय के बच्चों को आप क्या संदेश देना चाहेंगे?
I, I feel, especially for the younger generation, is, uh, they should look outwards, uh, to the communities that they are within and see what is the need in that community, and then see how you can serve that need. It's like, uh, as, as, as a surgeon, if we look after our patients to the best of our abilities, then all the other, uh, factors in society will come along automatically to support us.
अंत में, हमारे एसबीएस हिंदी के श्रोताओं को आप क्या संदेश देना चाहेंगे?
Hindi is an amazing language. Um, I don't, uh, speak any of it, but my mother could, and my, my grandparents. And, uh, I would, um, say that, um, more people should be trying to learn to speak, um, Hindi. I know, uh, watching movies and so on in, in Bollywood is very popular. I still need the subtitles, um, but, uh, I feel, uh, there is a very rich heritage of spoken and written, um, Hindi
and leading on to that, the root language of, of, of, of, of Sanskrit. So this is a very rich history that should not be, uh, forgotten, and it should be, uh, you know, read and practiced every day.
डॉ. रोंधीर जीतू जी, एसबीएस हिंदी से बात करने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।
My pleasure. Uh, thank you for having me.
तो दोस्तों, डॉक्टर रोंधीर जीतू की कहानी हमें याद दिलाती है कि असली सम्मान पदक में नहीं, बल्कि उस भरोसे में होता है, जो एक डॉक्टर अपने मरीजों, अपने परिवार और अपने समुदाय के दिलों में बनाता है। इसी के साथ शशि कुमार को दीजिए इजाजत और सुनते रहिए एसबीएस हिंदी।



