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आस्ट्रेलिया में सार्स (SARS) जैसे वायरस का ख़तरा लेकिन...

A US airport employee wearing a mask to protect himself from SARS during the 2006 outbreak
A US airport employee wearing a mask to protect himself from SARS during the 2006 outbreak Source: AAP

इस बात का अंदेशा जताया जा रहा है कि ऑस्ट्रेलिया में सार्स (SARS) जैसा कोई नया वायरस फैल सकता है. दरअस्ल ये लगभग उसी तरह का वायरस है जैसा कि साल 2002 में चीन में फैला था जिसमें 7 सौ लोगों की जान चली गई थी.


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Source: SBS


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इस बात का अंदेशा जताया जा रहा है कि ऑस्ट्रेलिया में सार्स (SARS) जैसा कोई नया वायरस फैल सकता है. दरअस्ल ये लगभग उसी तरह का वायरस है जैसा कि साल 2002 में चीन में फैला था जिसमें 7 सौ लोगों की जान चली गई थी.


हालांकि श्वसन रोग विशेषज्ञों का कहना है कि अभी तक इस बात के कोई प्रमाण नहीं है.. या फिर अभी ये कहना बहुत जल्दबाज़ी होगी कि SARS से जुड़ा कोई रहस्यमयी वायरस आस्ट्रेलिया में भी फैल सकता है. लेकिन इसको लेकर सावधानी बरती जा रही है.

आपको बता दें कि आस्ट्रेलिया में ये चिंता क्यों फैली है दरअस्ल चीन से बाहर थाइलैंड में एक पर्यटक इस तरह के  वायरस से संक्रमित पाया गया. इसके बाद स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों ने चेतावनी जारी की है कि ये वायरस पूरी दुनिया में फैल सकता है. दरअस्ल ये एक महिला पर्यटक थी. जो कि पूर्वी चीन के वुहान से बैंकॉक आईं थीं. जहां उतरते हा उन्हें बाकी लोगों से अलग कर दिया गया. वुहान वो जगह है जहां पिछले दिसंबर में एक मछली बाज़ार में इस वायरस का प्रकोप फैला था.

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि ये आश्चर्य की बात नहीं है कि SARS यानी सीवियर एक्यूट रेसपिरेटरी सिंड्रोम वायरस चीन से बाहर फैल गया है. लेकिन श्वसन रोग विशेषज्ञ मानते हैं कि ऑस्ट्रेलिया में अभी लोगों को ज्यादा चिंतित होने की ज़रूरत नहीं है.

SARS यानी सीवियर एक्यूट रेसपिरेटरी सिंड्रोम एक वायरस से फैलने वाली श्वसन संबंधी बीमारी है जो कि SARS कोरोना वायरस की वजह से होती है. यूनीवर्सिटी ऑफ क्वींसलैंड के स्कूल ऑफ कैमिस्ट्री एक मोलेक्यूलर बायो साइंसेज़ से क्रिस्टी शॉर्ट कहती हैं कि हालांकि ये संभव है कि कोरोना वायरस आस्ट्रेलिया में फैल सकता है लेकिन अभी तक ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं.  

ये भी बड़ी बात है कि अंतर्राष्ट्रीय चिकित्सा समुदाय ने इस वायरस के फैलने पर बहुत तेज़ी से प्रतिक्रिया दी है. लेकिन डॉक्टर शॉर्ट कहती है कि इस वायरस को अच्छी तरह समझने के लिए और ज्यादा अध्ययन की ज़रूरत है. वो कहती हैं

इस वायरस के बारे में ज्यादा जानने के लिए इसका लैब में परीक्षण करने की ज़रूरत है

ये रहस्यमयी वायरस कोरोना वायरस की तरह ही है इससे सामान्य ज़ुकाम जैसे लक्षण दिख सकते हैं. लेकिन ये भी हो सकता है कि इससे सीवियर एक्यूट रेसपिरेटरी सिंड्रोम जैसे भी लक्षण देखने को मिलें. आपको बता दें कि साल 2002 में चीन में SARS का प्रकोप फैला था. जिसमें 7 सौ लोगों की जान चली गई थी.

डॉक्टर कीथ चैपल भी यूनीवर्सिटी ऑफ क्वींसलैंड के स्कूल ऑफ कैमिस्ट्री एक मोलेक्यूलर बायो साइंसेज़ से हैं. वो कहते हैं कि ऑस्ट्रेलियाई शोध कर्ताओं के लिए जो भी जानकारी अभी तक उपलब्ध है उससे ये नहीं कहा जा सकता कि यहां SARS जैसे इस वायरस से महामारी फैल सकती है.

स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी है कि ऑस्ट्रेलिया में अभी तक इस बीमारी का कोई भी मामला सामने नहीं आय़ा है. लेकिन राज्यों और टेरीटरीज़ के साथ मिलकर इस वायरस को लेकर हालात पर कड़ी नज़र रखी जाएगी.


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