विदेशी हस्तक्षेप रोकने की दिशा में सरकार अब प्रवासन नीतियों में बड़े बदलाव ला रही है। बीती मई में यह उजागर हुआ था कि 2020 में दो भारतीय जासूसों को ऑस्ट्रेलिया में पकड़ कर भारत वापिस भेजा गया था। अब बहुसांस्कृतिक समुदायों के अधिवताओं के रक्षण के नज़रिये से प्रवासन नीति और अंतराष्ट्रीय छात्रों के अवलोकन को सख्त किया जा रहा है। सरकार को इस दिशा में विपक्ष का समर्थन प्राप्त है। विदेशी हस्तक्षेप से परेशान ऑस्ट्रेलियाई धीमे स्वर में ही सही, लेकिन इन क़दमों का स्वागत किया जा रहा है। हालांकि विपक्ष का कहना है कि जासूसों के लिए कड़ी सज़ा का प्रावधान ज़रूरी है।
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