उत्तराखंड के गाँव में बच्चों के लिए किताबों की लाइब्रेरी एक सपना ही थी। लेकिन इस सपने को पूरा किया नैनीताल के शुभम बधानी ने जिन्होंने पहाड़ों पर बच्चों के लिए घोड़ा लाइब्रेरी की अनोखी शुरुवात की है। इस पहल के ज़रिये अब गाँव गाँव में घोड़े पर किताबें पहुँच रहीं है। ये लाइब्रेरी और लाइब्रेरियन यानी घोड़ा आज बच्चों की पसंदीदा बन गयी है।
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