गीतांजलि श्री हिन्दी भाषा की पहली ऐसी लेखिका हैं जिन्हें अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार मिला है। यह पुरस्कार उनके उपन्यास 'रेत समाधि' के अंग्रेज़ी अनुवाद 'टूंब ऑफ़ सैंड' के लिए दिया गया जिसका अनुवाद अमेरिकी अनुवादक डेज़ी रॉकवाल के द्वारा किया गया है। इस पुरस्कार को हिन्दी साहित्य की दुनिया में एक बड़े सम्मान के रूप में देखा जा रहा है। इस पॉडकास्ट में सुनिए गीतांजलि श्री ने हिन्दी भाषा को लेकर क्या कहा है।
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