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सुपरऐनुएशन गारंटी में होने वाली प्रस्तावित बढ़ोतरी फ़िलहाल टली

Former Australian Treasurer Josh Frydenberg
Frydenberg, who is Jewish, said he was personally "cautious and extra vigilant" after receiving "very serious threats" that he had referred to federal police. Source: AAP Image/James Ross

तीन दशकों में आयी सबसे बड़ी सेवानिवृत्ति समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर संघीय सरकार ने सुपरऐनुएशन गारंटी में होने वाली प्रस्तावित बढ़ोतरी फ़िलहाल के लिए टाल दी है| जहाँ एक ओर विपक्ष इसकी निंदा कर रहा है, वहीँ लघु उद्योग यूनियनों में इसकी मिश्रित प्रतिक्रिया है|


Published

By Marcus Megalokonomos

Presented by Vrishali Jain

Source: SBS



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तीन दशकों में आयी सबसे बड़ी सेवानिवृत्ति समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर संघीय सरकार ने सुपरऐनुएशन गारंटी में होने वाली प्रस्तावित बढ़ोतरी फ़िलहाल के लिए टाल दी है| जहाँ एक ओर विपक्ष इसकी निंदा कर रहा है, वहीँ लघु उद्योग यूनियनों में इसकी मिश्रित प्रतिक्रिया है|


सुपरऐनुएशन गारंटी में होने वाली प्रस्तावित बढ़ोतरी ठन्डे बस्ते में जाती दिख रही है|

संघीय सरकार का यह फैसला सेवानिवृत्ति व्यवस्था की बड़ी समीक्षा के बाद आया है, जिसमें सुपरऐनुएशन के लिए नियोक्ता की ओर से अनिवार्य योगदान को बढ़ाने की योजना को फिलहाल अगले मई तक के लिए टाल दिया गया है|

पिछले तीन दशकों में हुई ऑस्ट्रेलिया की सेवानिवृत्ति व्यवस्था की समीक्षाओं में यह सबसे बड़ी समीक्षा है|

अपनी 650 पन्नों की इस ऐतिहासिक रिपोर्ट में पूर्व अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष के निदेशक और वरिष्ठ कोष अधिकारी श्री माइकल कैलाहैन ने चेताया कि कंपल्सरी सुपरऐनुएशन कंट्रीब्यूशन की ऊंची दरें महामारी के इस दौर में, जबकि घरों के दाम पहले ही आसमान छूने को तैयार हैं, वेतन में वृद्धि के लिए बड़ी बाधा बन सकती है|


मुख्य बातें:-

  • निकट भविष्य में नहीं बढ़ाई जाएगी सुपरऐनुएशन गारंटी की दर
  • तीन दशकों में सबसे महत्वपूर्ण सेवानिवृत्ति समीक्षा हुई पूरी
  • महामारी की मार झेल रहे व्यापारियों के हित में लिया गया फैसला 

संघीय सरकार को इस समीक्षा रिपोर्ट की लम्बे समय से प्रतीक्षा थी, जिसके बाद प्रस्तावित बढ़ोतरी का पुनः मूल्यांकन किया गया|

संघीय कोषाध्यक्ष जॉश फ्राईडेनबर्ग का कहना है कि यह रिपोर्ट दर्शाती है कि मौजूदा व्यवस्था सेवानवृत्त लोगों के लिए सकारात्मक है| श्री फ्राईडेनबर्ग ने यह भी कहा कि यह रिपोर्ट भविष्य में बनने वाली सभी नीतियों के लिए आधार का काम करेगी|

दूसरी तरफ, विपक्ष और विभिन्न यूनियन इस देरी की आलोचना कर रहे हैं|

लेबर पार्टी के सहायक कोष प्रवक्ता स्टीफेन जोन्स ने सरकार पर इल्ज़ाम लगाते हुए कहा है कि यह फैसला न ही केवल व्यवस्था को कमज़ोर करेगा, बल्कि कम आमदनी वाले कर्मचारियों के लिए हानिकारक भी होगा|

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि, "अगर आप एक पच्चीस वर्षीय युवा हैं, तो इस पॉलिसी का मतलब है कि आप अपनी रिटायरमेंट सेविंग में तकरीबन $100,000 तक का नुकसान उठाएंगे| यह ऑस्ट्रेलियन जनता पर दोहरी मार है और सरकार की सरासर ज़्यादती है| हम ऐसा नहीं होने देंगे|"

मौजूदा वैधानिक बढ़ोतरी 9.5 प्रतिशत के दर से बढ़ाकर अगले जुलाई तक 10 प्रतिशत की जानी थी, जो कि आखिरकार 2025 तक 12 प्रतिशत हो जानी थी|

ऑस्ट्रेलियन स्मॉल बिज़नेस एंड फैमिली एंटरप्राइज की लोकपाल केट कॉर्नेल ने इस निलंबन का स्वागत किया है|

उनका कहना है कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि इस समय छोटे उद्योग बेहद मुश्किल दौर से गुज़र रहे हैं| ऐसे में इस बढ़ोतरी का लागू होना उनके मनोबल को और तोड़ देता क्योंकि यह एक अलग, बड़ा खर्चा था| इस समय लघु उद्योग हर मुमकिन सहारा चाहते हैं|

प्रेषित समीक्षा का सुझाव है कि ऑस्ट्रलियाई लोगों को अपनी गृह पूँजी से अपने रिटायरमेंट के साधन खोजने चाहिए|

साथ ही, रिपोर्ट में यह भी सुझाया गया है कि अमीरों को मिलने वाले सुपरऐनुएशन टैक्स कन्सेशन पूरी तरह से ख़त्म कर दिए जाएँ|

यह पाया गया है कि 16 मिलियन ऑस्ट्रलियन्स की कुल सुपरऐनुएशन संपत्ति करीब 3 ट्रिलियन डॉलर है|

यह विश्व का चौथा सबसे बड़ा सेवानिवृत्ति कोष है|

पारम्परिक तौर पर वृद्ध, संपन्न ऑस्ट्रेलियन सुपरऐनुएशन से सबसे ज़्यादा फ़ायदा पाने वाले और कर में छूट पाने वाले लोग हैं|

ऑस्ट्रेलियन काउन्सिल ऑफ़ ट्रेड यूनियंस की अध्यक्ष मिशेल ओ नील ने विशेषकर औरतों और डिसेबल्ड लोगों, और मोटे तौर पर निचले से मध्य आय के समूह के लिए अनुचित रिटायरमेंट परिणामों की चिंता जतायी है|

श्रीमती ओ नील कहती हैं कि यह सर्वविदित है कि मर्दों के बनिस्बत औरतें केवल 47 फीसद सुपरऐनुएशन के साथ रिटायर होती हैं|

यह एक दीर्घावधिक समस्या है| इसका मतलब यह भी है कि फंड की कमी के चलते औरतें रिटायर ही नहीं हो पातीं| वे तब भी काम करती रहती हैं जब उनके शरीर उस काम को झेलने की शक्ति खो चुके होते हैं|

यह ऑस्ट्रेलिया जैसे सौभाग्यशाली देश को शोभा नहीं देता कि वह अपनी सत्तर के दशक की उम्र में पहुँच चुकी जनता से काम करवाए| यह फैसला निम्न आय वाले हर व्यक्ति के लिए बुरा है|

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