Watch FIFA World Cup 2026™

LIVE, FREE and EXCLUSIVE

भारत के दर्शनीय स्थल: प्राचीनता और कला की मिसाल ग्वालियर दुर्ग

Gwalior Fort, Madhya Pradesh, India

Gwalior Fort, Madhya Pradesh, India. Source: Moment RF / Getty Images/Alf

भारत की चट्टानों की कला में असाधारण कुशलता देखने को मिलती है। भारत के मध्य प्रदेश में ग्वालियर दुर्ग और उसमें शिलाओं से तराशी जैन प्रतिमाएं इसका एक उदाहरण है, जो पर्यटकों और कला प्रेमियों को आकर्षित करती हैं।


Published

Updated

By Anita Barar

Presented by Anita Barar

Source: SBS



Share this with family and friends


भारत की चट्टानों की कला में असाधारण कुशलता देखने को मिलती है। भारत के मध्य प्रदेश में ग्वालियर दुर्ग और उसमें शिलाओं से तराशी जैन प्रतिमाएं इसका एक उदाहरण है, जो पर्यटकों और कला प्रेमियों को आकर्षित करती हैं।


बलुआ पत्थर से गढ़ा यह किला भारत के सबसे महान किलों में से एक है, और इसकी अद्भुत सुंदरता को देखते हुये मुगल बादशाह बाबर ने इसे "भारत के किलों के हार का मोती" कहा था।

कलाकारों ने बड़ी चट्टानों को न केवल तराशा, बल्कि उनमें सुंदर नक्काशी और चित्र भी उकेरे, जो उस समय के समाज और धर्म के विचारों को दर्शाते हैं।

किले की ये संरचनाएं भारतीय कला की गहराई और प्राचीनता को प्रदर्शित करती हैं।

India, Madhya Pradesh state, Gwalior, Jain sculptures
Jain sculptures of Gwalior Fort Credit: Getty Images/Tuul & Bruno Morandi

इस पॉडकास्ट को सुनें -

मान्यता है कि इस किले की नींव राजपूत सरदार सूरज सेन ने रखी थी। कहा जाता है कि एक बार जंगल में शिकार के दौरान वह ग्वालप ऋषि से मिले जिनके आशीर्वाद से उनका चर्म रोग ठीक हो गया। अपने इस गुरु के प्रति आदर स्वरूप उन्होंने इस किले को बनवाया और इसे ग्वालियर कहा। समय के साथ विभिन्न शासकों ने इस किले में अनेक भवन जोड़े।

Mansingh Palace in Gwalior
Mansingh Palace, Gwalior Fort, India. Credit: Getty Images/Tristan Savatier

एकांत पथरीली पहाड़ी पर बना यह किला कई ऐतिहासिक इमारतों का घर है। यहाँ तक पहुँचने के लिए, एक काफी खड़ी चढ़ाई वाला रास्ता है, जो बाद में सीढ़ियों मे बदल कर चढ़ाई को आसान बनाता है। इस चट्टान की समुद्र तल से अधिकतम ऊँचाई 104 मीटर है।

डिसक्लेमर-  इस पॉडकास्ट में प्रस्तुत जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सामग्री पर आधारित है।

एसबीएस हिन्दी के सभी कार्यक्रम आप सुन सकते हैं शाम 5 बजे डिजिटल रेडियो, टीवी चैनल 305, एसबीएस ऑन डिमांड, या एसबीएस ऑडियो ऐप पर, या एसबीएस साउथ एशियन के यूट्यूब चैनल पर, या आप हमारी वेबसाइट से स्ट्रीम द्वारा हमें सुन सकतें है। आपको हमारे पॉडकास्ट एसबीएस हिन्दी पॉडकास्ट कलेक्शन पर भी मिल सकते हैं।


Latest podcast episodes

Follow SBS Hindi

Download our apps

Watch on SBS

SBS Hindi News

Watch it onDemand

Watch now