भारतीय मूल की हरिंदर कौर अपनी संस्था हरमन फाउंडेशन के ज़रिए घरेलू हिंसा के प्रति लोगों को जागरूक करने और पीड़ितों को मदद देने का काम करती हैं। हरिंदर कहती हैं कि ये सम्मान संस्था में उनके साथ काम करने वाले हर एक स्वयंसेवी का है।
हरिंदर कौर घरेलू हिंसा के प्रति लोगों को जागरूक करने और पीड़ितों की सहायता के लिए हरमन फाउंडेशन नाम की एक संस्था चलाती हैं।
हरिंदर कहती हैं कि काउंसिल द्वारा उनके काम को सराहा जाना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने बताया कि हरमन फाउंडेशन ने काउंसिल के साथ मिलकर भी कई अभियान चलाए हैं।
मुख्य बातें:
- सिडनी के उपनगर ब्लैकटाउन काउंसिल ने 2 महिलाओं को इस वर्ष वुमन ऑफ द ईयर सम्मान से नवाज़ा है।
- हरमन फाउंडेशन की संचालिका हरिंदर कौर कहती हैं कि उनकी संस्था काउंसिल के साथ मिलकर घरेलू हिंसा के प्रति लोगों को जागरुक करने का काम कर रही है।
- हरिंदर कौर के साथ एक और महिला रिसा मैकलन्स को इस सम्मान से नवाज़ा गया है।
वह कहती हैं, "हमारी संस्था ब्लैकटाउन काउंसिल के साथ मिलकर घरेलू हिंसा के बारे में लोगों को जागरुक करने के लिए अभियान चला रही है। इसमें हम कई नए तरीकों की सहायता भी ले रहे हैं जैसे कि नुक्कड़ नाटक। अभी हमने इसे अंग्रेज़ी और पंजाबी में किया है, आगे इसे हिंदी में करने की योजना है।"
हरिंदर कहती हैं कि ये अवॉर्ड मिला तो उन्हें है लेकिन वह जानती हैं कि उनके साथ कई लोगों ने कंधे से कंधा मिलाकर और अपना कीमती समय देकर काम किया है, वह इस सम्मान को उन सभी स्वयंसेवियों को भी समर्पित करती हैं।
लेकिन क्या घरेलू हिंसा के बारे में चलाए जा रहे जनजागरण अभियानों का असर समाज में देखने को मिल रहा है? इस सवाल के जवाब में हरिंदर कौर कहती हैं, "समाज में बदलाव धीरे-धीरे ही होता है, लेकिन हम लोगों तक लगातार ये बात पहुंचाने में कामयाब हो रहे हैं कि हमारे समाज में घरेलू हिंसा जैसी बुराई अभी मौजूद है।"

Harinder Kaur, Founder of Harman Foundation. Source: Harinder Kaur
हरिंदर कहती हैं कि हम ज़रूर अभी ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय में घरेलू हिंसा की परेशानियों की बात कर रहे हैं। लेकिन ये बुराई किसी एक समुदाय से संबंधित नहीं है दुनिया भर में घरेलू हिंसा के खिलाफ़ जागरूकता अभियान चल रहे हैं।
वह कहती हैं, "हम केवल परेशानियों की ही बात नहीं करते, हम समाधान की भी बात करते हैं। मैं अक्सर अपने पति से कहती हूं कि घर पर जिस तरह लोग एक दूसरे से झगड़ते हैं क्या बाहर किसी के साथ ऐसा व्यवहार करने की संभावना है? तो हमें समझना चाहिए कि क्यों घर में भी हम इस तरह का माहौल पैदा करें, वह भी उनके साथ जो हमारे अपने हैं?"
हरिंदर कौर के अलावा एक और महिला रिसा मैकलन्स को वुमन ऑफ द ईयर के सम्मान से नवाज़ा गया है। रिसा लॉयन्स क्लब से जुड़ी हैं और घरेलू हिंसा समेत शिक्षा से जुड़े कई स्वयंसेवी कार्यों में अपना योगदान दे रही हैं।
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